पाकुड़ झारखंड के पाकुड़ में वन विभाग ने सोमवार शाम एक पूरी मालगाड़ी के जब्त कर लिया। झारखंड वनोपज (अधिवहन का विनियमन) नियमावली 2020 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग दो हजार मीट्रिक टन कोयला लेकर जा रही मालगाड़ी को जब्त किया गया। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल के विद्युत विकास निगम (डब्लूबीपीडीसी) के विद्युत उत्पाद संयंत्र जाने वाली थी, इसमें 59 डिब्बे हैं। मामले में डब्लूबीपीडीसी के एक कोयला साइट प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया। पाकुड़ के फॉरेस्टर रेंजर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पाकुड़ के कार्यवाहक मंडल वन अधिकारी के निर्देश पर उन्होंने सोमवार की शाम को यह कार्रवाई की है। उन्होंने आगे बताया कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर रेलवे साइडिंग पर कोयला लाद कर पश्चिम बंगाल जाने के लिए तैयार खड़ी 59 डिब्बे की मालगाड़ी को इंजन समेत जब्त कर लिया और वहां मौजूद पश्चिम बंगाल विद्युत विकास निगम के साइट इंचार्ज रामविलास हंसदा को गिरफ्तार कर लिया। सिंह ने कहा कि झारखंड में इस वर्ष तीन जुलाई को अधिसूचित एवं पहली अक्तूबर से लागू नई झारखंड वनोपज (अधिवहन का विनियमन) नियमावली 2020 के तहत कोयले को भी वनोपज माना गया है और बिना डीएफओ के परमिट के उसका एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है और यदि कोयले का स्थानांतरण करना होता है तो नई नियमावली के तहत 57 रुपये प्रति टन का शुल्क अदाकर वन विभाग से इसके लिए परमिट लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में पश्चिम बंगाल विद्युत विकास निगम और रेलवे के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद बिना परमिट के कोयले की ढुलाई करने पर आज की कार्रवाई की गई। सिंह ने बताया कि जब्त मालगाड़ी को उसके गार्ड को इस शर्त के साथ सुपुर्द किया गया है कि वह मालगाड़ी को बिना सूचना और परमिट वहां से स्थानांतरित नहीं करेगा। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार साइट इंचार्ज रामविलास हंसदा को भी सशर्त जमानत दी गई ।
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