कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच आज गुजरात के किसानों से मिलेंगे PM मोदी, समझिए मायने

अहमदाबाद () को लेकर केंद्र सरकार लगातार सवालों का सामना कर रही है। आंदोलन कर रहे किसान नए कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है। केंद्र सरकार और सत्ताधारी बीजेपी अब कृषि कानूनों के फायदे बताने सीधे किसानों के पास जा रहे हैं। अब पीएम मोदी मंगलवार को खुद किसानों के बीच होंगे। गुजरात के कच्छ में किसानों से मिलेंगे पीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) मंगलवार को गुजरात में कच्छ के एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। कृषि कानूनों के विरोध में जारी आंदोलन के बीच वह कच्छ के कृषक समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह गुजरात के सिख किसानों से भी मुलाकात करेंगे। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई। भारत-पाक सीमा के गांव के किसानों से मिलेंगे पीएम बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री कुछ परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और कच्छ में धोरडो के किसानों और कलाकारों के साथ संवाद करेंगे। मुख्य कार्यक्रम से पहले वह कच्छ के किसानों के साथ चर्चा करेंगे। राज्य के सूचना विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत-पाक सीमा के पास बसे सिख किसानों को प्रधानमंत्री से संवाद के लिए आंमत्रित किया गया है। सिख किसानों से मुलाकात कर संदेश देने की कोशिश? पीएम मोदी विशेष तौर पर यहां सिख किसानों से मुलाकात करेंगे। कच्छ जिले की लखपत तालुका में और इसके आसपास मिलाकर करीब 5,000 सिख परिवार रहते हैं। नए कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान पिछले दो सप्ताह से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार से अब तक हुई उनक बातचीत बेनतीजा रही है। प्रदर्शन करने वाले में बड़ी संख्या में पंजाब-हरियाणा के सिख किसानों की है। ऐसे में माना जा रहा है कि पीएम की किसानों से इस मुलाकात के जरिए सिख समुदाय और किसानों को संदेश देने की कोशिश की जाएगी। पीएम मोदी कई मौकों पर कर चुके हैं कृषि कानून के फायदों का जिक्र गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के जरिए किसानों को कृषि कानूनों को फायदे बताए थे और अफवाहों से बचने की सलाह दी थी। कई अन्य मौकों पर भी पीएम मोदी कृषि कानूनों का जिक्र कर चुके हैं और किसानों को उसके फायदे बताने की कोशिश की है। कृषि कानून के फायदे बताने मैदान में उतरी बीजेपी आपको बता दें कि बीजेपी यूपी, बिहार जैसे राज्यों में किसानों को कृषि कानूनों के फायदे बताने के लिए किसान सम्मेलन और चौपाल का आयोजन कर रही है। बिहार में जहां पार्टी 700 जगहों पर चौपाल लगाने जा रही, वहीं उत्तर प्रदेश में पार्टी किसान सम्मेलन का आयोजन कर रही है। सरकार से बातचीत सफल नहीं होती देख किसानों ने भी अपना आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को आंदोलनकारी किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में अनशन किया। विपक्ष समेत बीजेपी की कई सहयोगी पार्टियां भी किसानों की मांगों का समर्थन कर रही हैं।


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