मान सिंह के बेटे तहसीलदार सिंह ने भी कई डकैतों को सरेंडर करा जिंदगी बदल दी। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 डकैतों से हथियार रखकर आत्मसमर्पण करवाया। भतीजे रणवीर बाद में पुलिस सेवा छोड़कर बीएसएफ में जॉइन हुए। वह 1995 में रिटायर हो गए। वह अभी बूढ़ी महिलाओं और विधवाओं के लिए शेल्टर होम चलाते हैं।
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