प्रमुख संवाददाता, नई दिल्ली कोरोना के खिलाफ जारी जंग में दुनिया भर में ज्यादा से ज्यादा जांच करने का तरीका अपनाया गया और यह काफी सफल रहा। दिल्ली में भी यही तरीका अपनाया जा रहा है और बहुत हद तक इस महामारी के खिलाफ जारी जंग में सफलता मिली है। अभी दिल्ली में पूरे देश में सबसे ज्यादा जांच हो रही है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में हर 10 लाख की आबादी में 53,683 लोगों की जांच की जा रही है। केजरीवाल सरकार ने इस स्ट्रेटजी को अपनाया और दिल्ली में कोविड संक्रमण की स्थिति पहले की तुलना में कंट्रोल नजर आ रही है। दिल्ली सरकार ने अग्रेसिव टेस्टिंग करने का तरीका अपनाया। जहां बाकी स्टेट कम टेस्ट कर रहे थे, वहीं संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद दिल्ली में कोविड जांच बढ़ाने का फैसला किया गया। जहां एक समय पांच से सात हजार जांच हो रही थी, वहां अब एक दिन में 20 हजार से ज्यादा जांच की जा रही है। जून में दिल्ली में न केवल मौत बल्कि संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन जुलाई में दोनों ही स्थिति में काफी सुधार देखा गया। टेस्टिंग के अलावा, दिल्ली सरकार के होम आइसोलेशन की रणनीति काफी सफल रही है, जिसे अब कई दूसरे राज्यों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। होम आइसोलेशन का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक समय दिल्ली सरकार के इस फैसले से केंद्र तक सहमत नहीं थी, लेकिन दिल्ली सरकार इस पर अडिग रही और इससे होने वाले फायदे के बारे में अवगत कराती रही, जिसकी वजह से बाद में केंद्र ने भी इस रणनीति को सही माना। जून में एक समय मरीज को बेड नहीं मिलने की खबरों के बाद दिल्ली सरकार ने कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड रिजर्व करने का फैसला किया और अब दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए 15 हजार से ज्यादा बेड रिजर्व कर दिए। अभी दिल्ली में सिर्फ 2800 बेड पर ही मरीज हैं, बाकी सभी बेड खाली है। पॉजिटिव रेट: दिल्ली में पॉजिटिव रेट में लगातार गिरावट हो रही है, अब दिल्ली में पॉजिटिव रेट सिर्फ 6 पर्सेंट रह गया है, जो पहले 11 पर्सेंट था। एक्टिव केस: लगातार मरीज के ठीक होने और संक्रमण रेट कम होने की वजह से एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी आई है, अब दिल्ली में एक्टिव मरीज 10356 हैं, जो पहले 11904 थी। कुछ दिन पहले दिल्ली एक्टिव केस के मामले में पूरे देश में दूसरे जगह पर थी। अब यह 14 वें स्थान पर है। रिकवरी रेट: पिछले हफ्ते यह 87.95 पर्सेंट था, जो अब 89.57 पर्सेंट हो गया है। जबकि राष्ट्रीय औसत सिर्फ 65.43 पर्सेंट है। 79 पर्सेंट बेड बेड खाली: दिल्ली में अभी कुल 79 पर्सेंट बेड खाली हैं। यानी केवल 21 पर्सेंट बेड पर ही मरीज हैं और इनकी संख्या सिर्फ 2886 है। मौत में कमी: पिछले हफ्ते दिल्ली में कुल 199 मरीजों की मौत हुई थी, जो इस हफ्ते कम होकर 177 हो गई है।
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