शशिकला की एंट्री से तमिलनाडु की सियासत में 'जल्लीकट्टू', BJP की चुप्पी से बढ़ा सस्पेंस

चेन्नै/नई दिल्ली पश्चिम बंगाल के बाद तमिलनाडु में चुनाव होने हैं। लेकिन तमिलनाडु में अभी से चुनाव का रंगमंच सजने लगा है। 2021 विधानसभा चुनाव में कई सियासी धुरंधर सियासी गोटियां बैठने में लगे हुए हैं। अब देखना है कि कौन किस पर भारी पड़ता है। वहीं, यह देखना होगा कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की करीबी रहीं की आगामी चुनाव में क्या भूमिका होगी। शशिकला बीजेपी की क्षमता का AIADMK-BJP गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने में और द्रमुक राज्य में सत्ता विरोधी फैक्टर को कैसे भुनाती हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने AIADMK के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। नफा-नुकसान के आकलन में जुटे वहीं, DMK और AIADMK इस बात का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी का सीएम इडापड्डी पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले AIADMK-BJP गठबंधन की जीत के लिए और के लिए बीजेपी का क्या गेम प्लान हो सकता है। हालांकि, शशिकला की रिहाई पर बीजेपी की चुप्पी ने एक सस्पेंस पैदा कर दिया है। बंगाल और असम जितना तमिलनाडु में बीजेपी का चुनाव प्रचार पर जोर नहीं हालांकि, बीजेपी का अभी तक का तमिलनाडु अभियान पश्चिम बंगाल और असम जितना मजबूत नहीं रहा है। जिस तरह से बीजेपी नेता पश्चिम बंगाल और असम में लगातार चुनावी प्रचार पर जोर दे रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का पश्चिम बंगाल में जल्द दौरे पर आने की उम्मीद है। वहीं, 21 फरवरी को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और 23 फरवरी को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का वेल्लोर दौरा प्रस्तावित है। बता दें कि जेपी नड्डा का यह पिछले एक महीने में दूसरा दौरा है। 35 सीटों पर चुनाव लड़ने का बीजेपी ने इशारा किया स्थानीय नेताओं के अनुसार, तमिलनाडु में बीजेपी की पकड़ कुछ क्षेत्र तक सीमित है। इसमें कोवई, नागरकोइल, रामनाथपुरम और चेन्नै की सीटों के आस-पास के क्षेत्रों में बीजेपी की जमीनी पकड़ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में बीजेपी ने 35 सीटों पर चुनाव लड़ने की ओर इशारा कर किया है। साथ ही बीजेपी ने जोर दिया है कि AIADMK 8-10 सीटों पर जीत सुनिश्चित करे, जोकि AIADMK के लिए स्वीकार करना बड़ा मुश्किल हो सकता है। तमिलनाडु के लोगों की राय EPS को कम नहीं आकना चाहिए बीजेपी के एक वर्ग ने कहा कि DMK को अलग नहीं रखना चाहिए है, क्योंकि इससे कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन मजबूत होगा। इसके बजाय राज्य की विचारधारा पर आधारित पार्टी का लंबे समय के लिए विस्तार दिया जाना चाहिए, जोकि गठबंधन की किसी भी मजबूरी से अलग हो। जनरल ओपिनियन में आम लोगों की राय है कि तमिलनाडु में DMK अब तक अग्रणी पार्टी रही है। लेकिन EPS को भी कम नहीं समझना चाहिए। पिछले 2 वर्षों में EPS काफी मजबूत हुई है। शशिकला की जेल से वापसी AIADMK नेताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पार्टी शशिकला की वापसी के साथ एक कठिन स्थिति में है। सोमवार को जब शशिकला जेल के बाद चेन्नै लौटी तो उन्होंने न केवल अपनी कार पर AIADMK के झंडे को फहराया, बल्कि जल्द ही सक्रिय राजनीति में लौटने की ओर भी इशारा किया। अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (AMMK) के महासचिव उनके भतीजे टीटीवी दिनकरन ने मंगलवार को कहा कि वह अन्नाद्रमुक पर अपना नियंत्रण फिर से हासिल करने में अपनी कानूनी लड़ाई को तेज करेंगे। सत्ता विरोधी है लहर DMK नेताओं का कहना है कि जमीनी स्तर पर सत्ता विरोधी विरोधी लहर है। इसको AIADMK पार्टी के सदस्य भी जानते हैं। द्रमुक अपने सहयोगी दलों जैसे कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची और अल्पसंख्यक समर्थित दलों, आईयूएमएल और एमएमके कम से कम 180 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए काम कर रही है।


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