नई दिल्ली भारत की कूटनीति और कठिन हालात में सीमा पर डटे जवानों के शौर्य की बदौलत चीन अब पैंगोंग झील से उल्टे पैर वापस लौटने लगा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में यह बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि बुधवार से सेना की वापसी शुरू हो गई है। राजनाथ ने जब देश को यह जानकारी दी उस समय सदन में पीएम नरेंद्र मोदी और गैलरी में आर्मी चीफ मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन और भारत के बीच सेना की वापसी का समझौता हुआ है। उन्होंने पीछे हटने का रोडमैप और ग्राउंड सिचुएशन भी देश के सामने रखी। 6 पॉइंट्स में समझिए किसी तरह सीमा से वापस लौट रही है चीनी सेना... 1- 48 घंटे की है टाइमलाइन: राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा कि पैंगोंग झील के दक्षिणी और उत्तरी किनारे से सेना की वापसी का समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि चीनी सेना इस बात पर भी सहमत हो गई है कि पैंगोंग लेक से सेना वापसी के 48 घंटे के भीतर सीनियर कमांडर लेवल की बैठक होगी और और बाकी बचे मुद्दों का हल निकाला जाएगा। 2- फिंगर 8 से पीछे हटेगी चीनी की सेना: भारत-चीन में सेना वापसी का जो यह समझौता हुआ है उसके तहतपैंगोग लेक इलाके में दोनों पक्ष अग्रिम मोर्चे पर सेना की वापसी करेंगे। चीन अपनी सेना की टुकड़ियों को नॉर्थ बैंक में फिंगर 8 के पूरब की दिखा की तरफ रखेगा। 3- धन सिंह थापा पोस्ट पर लौटेगी भारतीय सेना: इस समझौते के तहत भारत अपने सेना की टुकड़ियों को फिंगर 3 के पास स्थित स्थायी बेस धन सिंह थापा पोस्ट पर रखेगा। पेंगोंगे लेकर के साउथ बैंक पोस्ट पर भी दोनों सेनाएं इसी तरह की कार्रवाई करेंगी। 4- चीन अपने अवैध निर्माण को हटाएगाः राजनाथ ने संसद में कहा, '2020 में जो भी निर्माण किए गए हैं साउथ बैंक पर उसे हटाया जाएगा और पुरानी स्थिति कायम की जाएगी।। 5- पेट्रोलिंग पर फिलहाल अस्थायी रोकः इसके साथ ही दोनों पक्ष नॉर्थ बैंक पर अपनी गतिविधियां, जिसमें पेट्रोलिंग भी शामिल है, अस्थायी रूप से बंद करेंगे। पेट्रोलिंग तभी शुरू की जाएगी जब सेना राजनीतिक लेवल पर बातचीत करके समझौत बनेगा। चीन और भारत ने समझौते पर बुधवार से कार्रवाई शुरू कर दी है। राजनाथ ने कहा कि उम्मीद है कि गतिरोध से पहले वाली स्थिति बहाल हो जाएगी। 6- हमने कुछ भी खोया नहीं हैः राजनाथ ने कहा कि इस बातचीत में भारत ने कुछ भी खोया नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी भी एलएसी पर कुछ पुराने मसले बचे हुए हैं। इन पर सरकार का ध्यान रहेगा। आगे की बातचीत में इस पर बात होगी। बातचीत के नौवें दौर में बनी सहमति : तनाव बढ़ने के बाददोनों देशों की तरफ से पूर्वी लद्दाख में विवादित लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर हजारों सैनिकों की तैनाती की गई थी। 24 जनवरी को भारत और चीन के कोर कमांडर स्तर की नौवें बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी थी और अब इसी के आधार पर दोनों देशों ने अपने सैनिकों को पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी तट से हटाना शुरू कर किया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि सैनिकों के हटने के बाद झील के दक्षिणी प्रांत से टैंक और हथियार भी हटा लिए जाएंगे।
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