द्वैपायन दत्ता भारतीय टीम तीन-दिवसीय प्रैक्टिस मैच में जीत हासिल नहीं कर पाई। बेन मैकड्रमट (107*) और जैक विल्डरमथ के नाबाद 111 रन की मदद से ऑस्ट्रेलिया ए ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर मैच को ड्रॉ करवा लिया। भारतीय टीम प्रबंधन को शायद जीत हासिल न कर पाने की अधिक चिंता नहीं होगी। विराट कोहली व अजिंक्य रहाणे 17 दिसंबर से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज से पहले पॉजीटिव पर गौर करना चाहेंगे। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया ने उन सकारात्मक बातों की लिस्ट बनाई है जो भारतीय टीम इस मैच से हासिल कर सकती है। शुभमन गिल शुभमन गिल ने दोनों पारियों में नंबर तीन पर बल्लेबाजी की। उनकी बल्लेबाजी में एक सकारात्मकता थी। ऐसा लगता है कि दूसरे ओपनर की जगह के लिए उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी पृथ्वी साव पर बढ़त बना ली है। हालांकि टीम प्रबंधन कहीं केएल राहुल को सरप्राइज के तौर पर शामिल कर ले बात अलग है। गिल को अपने ऑफ स्टंप के बारे में पता है और वह शॉर्ट बॉल के खिलाफ भी सक्षम नजर आए। उन्होंने दोनों पारियों में क्रमश: 43 और 65 रन बनाए। शमी ने मैच में पांच विकेट लिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने सभी पांच विकेट दिन के पहले सेशन में लिए। इस सेशन को डे-नाइट टेस्ट में गेंदबाजों के लिए मुश्किल माना जाता है। वह भी खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया के इस गर्म मौसम में। यह टेस्ट मैच के लंच से टी के बीच का वक्त होता है जब गेंद सबसे कम मूव होती है। लेकिन शमी ने पिंक बॉल से दूसरे और तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को खूब परेशान किया। यह भी माना जा रहा है कि लाइट्स जलने के बाद शमी की गेंदबाजी और घातक हो जाएगी। लेकिन अच्छी बात यह है कि वह बल्लेबाजों को पहले ही सेशन में परेशान कर रहे हैं जिससे कोहली की खुशी में जरूर इजाफा होगा। जसप्रीत बुमराह और नवदीप सैनी ने भी बिना थके अपनी भूमिका निभाई। हनुमा विहारी की सेंचुरी नंबर छह पर हनुमा विहारी ने भी अपनी भूमिका अच्छे से निभाई। उन्होंने शानदार शतक लगाया। अच्छी बात यह थी कि यह शतक उन्होंने संध्या के समय लगाया जब बल्लेबाजी करनी सबसे मुश्किल होती है। आर्टिफिशल लाइट जल रही होती है तो रोशन के साथ तालमेल बैठाना बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती होती है। बाउंस से भी उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। विहारी ने दिखाया कि वह सीरीज के लिए तैयार हैं। पहली पारी में असफल होने वाले विहारी ने कहा, 'अच्छा अभ्यास हो गया और मुझे लगता है कि शाम को गुलाबी गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आई। उछाल भी ज्यादा परेशान नहीं करेगा क्योंकि हमने इसके लिए तैयारी कर रखी थी।' निचले क्रम के बल्लेबाजों का दम भारतीय टीम को कई बार उसके निचले क्रम के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन भुगतना पड़ा है। लेकिन इस मैच में बुमराह (55*) और मोहम्मद सिराज (22) ने आखिरी विकेट के लिए 71 रन जोड़े। भारतीय मिडल ऑर्डर जब अंडर-लाइट लड़खड़ा गया था तब इन दोनों ने टीम को सहारा दिया। यह भी संभव है कि बुमराह और सिराज ने बिना दबाव के बल्लेबाजी की हो लेकिन फिर भी इन दोनों की बल्लेबाजी ने एक उम्मीद तो जताई ही। ऋषभ पंत का फॉर्म यह बात सच है कि 73 गेंद पर 103 रन की पारी तब सामने आई जब ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज किसी तरह का मोटिवेशन खो चुके थे लेकिन आईपीएल में बुरी तरह असफल होने वाले पंत ने फॉर्म में लौटने के संकेत जरूर दिए। पंत की बल्लेबाजी ने हालांकि टीम प्रबंधन को एक चुनौती जरूर दे दी है कि आखिर वह उनमें और ऋद्धिमान साहा में से किसे टीम में चुनेंगे। साहा को बेहतर विकेटकीपर माना जाता है लेकिन पंत की काउंटर अटैक की खूबी भी एक अहम पॉइंट है।
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