नई दिल्ली देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच राहत की खबर है। सोमवार को कोरोना के नए केसों की संख्या में गिरावट आई है। सोमवार को देश में कोरोना वायरस के 6,414 नए मामले सामने आए। रविवार की तुलना में सोमवार को 446 कोरोना केसों की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को 148 कोरोना मरीजों की मौत हो गई जबकि 3,012 मरीज पूरी तरह ठीक हो गए। इससे पहले 20 मई को भी नए केसों में गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि राहत के साथ ही पूर्वोत्तर में कोरोना संक्रमण की संख्या बढ़ी है। नगालैंड जो भी तक ग्रीन जोन में था, वह भी कोरोना मरीज सामने आने लगे हैं। सोमवार को चेन्नै से लौटे तीन लोग यहां कोरोना संक्रमित पाए गए। इसी के साथ पूरे देश में मरने वालों की संख्या 4 हजार पार हो गई है जबकि 60 हजार लोग स्वस्थ हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 1,38,845 हो गई है, जिसमें से 77 हजार ही ऐक्टिव केस हैं। वहीं 4,021 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। पढ़ें: लॉकडाउन 4.0 के बाद कोरोना के नए केस 18 मई -4,628 19 मई-6,154 20 मई- 5,720 21 मई-6,023 22 मई- 6,536 23 मई-6,665 24 मई-7,111 25 मई-6,665 610 लैब में हर दिन 1.1 लाख सैंपल की जांच आईसीएमआर ने बताया कि सरकार ने 2009 में फैले स्वाइन फ्लू से सीख लेते हुए जांच की संख्या बढ़ाई है। आईसीएमआर ने कहा कि देश में इस समय 610 प्रयोगशालाएं हैं जहां रोजाना 1.1 लाख नमूनों की जांच हो रही है। इनमें 432 प्रयोगशालाएं सरकारी और 178 निजी हैं। जांच क्षमता को 1.4 लाख नमूने प्रति दिन तक बढ़ा लिया गया है और इसे दो लाख प्रतिदिन की क्षमता तक बढ़ाया जा रहा है। शीर्ष चिकित्सा अनुसंधान इकाई ने कहा कि अधिकतर राज्य कोविड-19 की जांच के लिए ‘‘ट्रूनैट’’ मशीनों को लगाने के लिहाज से राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के साथ काम कर रहे हैं। इस मशीन के माध्यम से उन क्षेत्रों या जिलों में जांच की जा रही है जहां निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में आधुनिक विषाणु विज्ञान प्रयोगशाला नहीं है। पढ़ें : 1 मई के बाद बढ़े केस स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक मई को सुबह आठ बजे अपने अपडेट में देश में संक्रमित रोगियों की कुल संख्या करीब 35,000 बताई थी। उस दिन तक 1,150 लोगों की मृत्यु हो चुकी थी। उस तारीख में 8,900 लोग सही हो चुके थे और 25,000 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा था। तब से अब तक संक्रमित रोगियों की संख्या चार गुना हो गयी है। मौत के मामले तीन गुना से अधिक बढ़ गये हैं और इलाज करा रहे रोगियों की संख्या में भी लगभग इतना ही इजाफा हुआ है। हालांकि सही हो चुके रोगियों की संख्या उस स्तर की तुलना में छह गुना से अधिक बढ़ गयी है। भारतीय रेलवे ने एक मई से ही प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए विशेष श्रमिक रेलगाड़ियां चलाना शुरू किया था। 80 फीसदी मामले पांच प्रदेशों से बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और दिल्ली में लगातार संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी रोगियों की संख्या दूसरे राज्यों से विशेष ट्रेनों से प्रवासियों की वापसी शुरू होने से पहले दर्ज संख्या से दस गुना अधिक तक हो गयी है। नगालैंड में सोमवार को कोविड-19 के पहले तीन मामले सामने आए जहां चेन्नई से विशेष ट्रेन से लौटे दो पुरुषों और एक महिला में कोरोना वायरस संक्रमण का पता चला है। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला जनवरी के आखिर में सामने आया था, लेकिन नगालैंड तब से संक्रमण से मुक्त रहा है।
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