मुंबईभारत और वेस्ट इंडीज के बीच जारी टी20 सीरीज रोमांचक मोड़ पर आ चुकी है। 1-1 से बराबर हो चुकी सीरीज के विजेता का फैसला 11 तारीख को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना है। ये एक तरह का नॉकआउट मैच है और दोनों में से कोई भी टीम इसे हारने के मूड में नहीं होगी। हालांकि इस मुकाबले से पहले भारतीय बोलिंग अटैक को लेकर गंभीर चिंता उठ रही है। जिस टीम के अटैक को वर्ल्ड क्लास कहा जाता है उसने दो मैचों में खराब किया तो क्या उसको कटघरे में खड़ा किया जा सकता है? क्या मुंबई वाले मैच में भारतीय बोलर्स प्रेशर में होंगे? इन सवालों पर NBT ने जब कुछ पूर्व दिग्गजों से बातचीत की तो उनका कहना था कि बोलर्स पर दोष मढ़ना गलत है। उनकी बोलिंग औसत रही तो उसकी और भी वजहें हैं। पूर्व दिग्गज मानते हैं कि सपाट पिच और कैच छूटने की वजह से गेंदबाजों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ और इसी वजह से पिछला टी20 मैच भी हारे। टी20 सीरीज में भारतीय बोलर्स का प्रदर्शन
- वॉशिंगटन सुंदर- 2 मैचों में 8.57 के इकॉनमी से 2 विकेट
- रविंद्र जडेजा- 2 मैचों में 8.66 के इकॉनमी से 2 विकेट
- युजवेंद्र चहल- 2 मैचों में 10.28 के इकॉनमी से 2 विकेट
- दीपक चाहर- 2 मैचों में 12.13 के इकॉनमी से 1 विकेट
- 22 दिसंबर 2012 को इंग्लैड से 6 विकेट से हारे
- 31 मार्च 2016 को वेस्ट इंडीज से 7 विकेट से हारे
- 24 दिसंबर 2017 को श्रीलंका को 5 विकेट से हराया
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