नई दिल्ली विराट कोहली साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में वापसी करेंगे। पीठ में जकड़न के चलते कोहली सीरीज के दूसरे मैच में नहीं खेले थे। उनके स्थान पर हनुमा विहारी को शामिल किया गया था। अब जब कोहली वापसी करेंगे तो माना जा रहा है कि विहारी को केपटाउन टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ सकता है। पर क्या यह इस बल्लेबाज के साथ ज्यादती नहीं होगी? सवाल, थोड़ा असहज करने वाला है। पर टीम के कोच राहुल द्रविड़ भी इसका इशारा कर चुके थे। द्रविड़ ने कहा था कि विहारी और श्रेयस अय्यर को अपने मौकों का इंतजार करना होगा। ऐसे में इस बात की काफी संभावना है कि विराट के वापसी करते ही विहारी मिडल ऑर्डर में उनके लिए जगह खाली करेंगे। जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच से पहले विहारी ने पिछला मैच सिडनी में खेला था। ऑस्ट्रेलिया में चोट से जूझते हुए उन्होंने दूसरी पारी में नाबाद 23 रन बनाए थे। वह विकेट पर टिके रहे थे और रविचंद्रन अश्विन के साथ मिलकर उन्होंने मैच ड्रॉ करवाया था। इस जुझारूपन ने भारत को सीरीज जीतने में अहम मदद की थी। जोहान्सबर्ग में भी उन्होंने दूसरी पारी में नाबाद 40 रन बनाए। वह विकेट पर टिकना जानते हैं और रन बनाना भी। हालांकि उनका फर्स्ट-क्लास बल्लेबाजी औसत 55.50 का है। और उनके नाम 7548 रन हैं जिसमें 21 शतक शामिल हैं। इसमें 302* उनका हाईऐस्ट है। अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा काफी समय से खराब फॉर्म में थे। इसके बावजूद पहले टेस्ट में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। साउथ अफ्रीका दौरे पर पहले टेस्ट में भी वे असफल रहे। इसके बाद भी टीम मैनेजमेंट ने उनके अनुभव पर भरोसा जताया और दूसरे टेस्ट में उन्हें मौका दिया गया। जोहान्सबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में दोनों ने काउंटर-अटैक करते हुए हाफ सेंचुरी लगाई। ऐसा लगता है कि टीम मैनेजमेंट केपटाउन की विकेट पर फिर एक बार इस अनुभवी जोड़ी पर भरोसा जता सकता है। विहारी को न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज में शामिल नहीं किया गया था। वह 'ए' टीम के साथ साउथ अफ्रीका दौरे पर थे। वह यहां की 'ए' टीम के खिलाफ सीरीज में खेले। यहां उन्होंने तीन फर्स्ट क्लास मैचों में तीन हाफ सेंचुरी लगाईं। विहारी का इस टीम में शामिल होना, भारतीय टीम प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा बताया गया। यानी अगर मिडल-ऑर्डर में जरूरत पड़ने पर उन्हें आजमाया जा सके। विहारी ने भारत के लिए अभी तक 13 टेस्ट मैच खेले हैं। और इसमें से घरेलू मैदान पर एक ही टेस्ट मैच खेला है। कहीं न कहीं टीम प्रबंधन उन्हें विदेशी दौरों का 'एक्सपर्ट' मानता है। साथ ही उन्हें साउथ अफ्रीका ए के दौरे पर भेजने से यही संकेत मिला था कि मैनेजमेंट उन्हें सीनियर टीम के दौरे से पहले विकल्प के रूप में तैयार करना चाहता है। लेकिन टीम प्रबंधन के सामने भी सवाल है कि आखिर कोहली के आने पर बाहर किसे किया जाए। पुजारा और रहाणे ने हाफ सेंचुरी लगाकर अपना दावा मजबूत किया है। हालांकि यह बहुत कड़ फैसला होगा लेकिन ऐसा लगता है कि नंबर पांच पर टीम के लिए अजिंक्य रहाणे ही बल्लेबाजी करेंगे और विहारी बैंच पर रहेंगे।
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