नई दिल्लीसर्बियाई टेनिस स्टार और ऑस्ट्रेलियाई सरकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। पहले दुनिया के नंबर वन पुरुष खिलाड़ी को वीजा दिया जाता है और मेडिकल छूट के तहत एंट्री भी मिलती है। जब वह ऑस्ट्रेलियन ओपन खेलने के लिए मेलबर्न एयरपोर्ट पहुंचते हैं तो उन्हें रोक लिया जाता है और घंटों इंतजार करवाने के बाद उनका वीजा रद्द कर दिया जाता है। ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन ने इसे अटल नियम बताया है तो सर्बियाई सरकार खुलकर अपने खिलाड़ी का न केवल सपोर्ट कर रही है, बल्कि राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच ने इसे मानसिक उत्पीड़न भी करार दिया है। खैर, यह तो रहा इस मामले का लेटेस्ट अपडेट। अब बात करते हैं पिछले वर्ष की, जब 20 ग्रैंड स्लैम जीत चुके जोकोविच ने महामारी कोरोना वायरस से बचाव में उपयोगी वैक्सीन का खुलकर विरोध किया था। उन्होंने एक फेसबुक चैट के दौरान कहा कि वह वैक्सीनेशन के खिलाफ हैं। उन्हें यह बात पसंद नहीं कि टेनिस खेलने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना पड़ेगा। यह उनका पर्सनल मामला है। इसका टेनिस से कुछ भी लेना नहीं। हालांकि, उन्हें क्यों वैक्सीन नहीं लगवाना था इसके पीछे की वजह नहीं बताई। यह नहीं, उन्होंने इस बात का खुलासा भी नहीं किया कि वैक्सीन लगवाई है या नहीं। दो पैनलों की समीक्षा के बाद दी थी मेडिकल छूटहैरत की बात यह है कि टेनिस ऑस्ट्रेलिया ने इस बात की पुष्टि की कि दो अलग-अलग स्वतंत्र पैनलों की समीक्षा के बाद जोकोविच को मेडिकल छूट दी थी। जब वह मेलबर्न पहुंचे तो अधिकारियों ने पाया कि उनकी टीम ने वैक्सीन ना लगाने को लेकर मेडिकल छूट देने वाले वीजा के लिए अनुरोध ही नहीं किया था। ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल की ओर से बयान में कहा गया कि जोकोविच ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं दे पाए। ऑस्ट्रेलिया में हुआ था खुला विरोधजब नोवाक जोकोविच को मेडिकल संबंधी छूट दी गई तो इस पर ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ा वर्ग सरकार के विरोध में था। सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। लोग इस बात से खुश नहीं थे। जब जोकोविच मेलबर्न पहुंचे तो डिटेंशन सेंटर पर भी विरोध झेलना पड़ा। कुछ लोग तख्ती के साथ उनका विरोध करते नजर आए। पीएम ने विरोध के बाद बयान जारी करते हुए कहा था कि अगर जोकोविच एंट्री संबंधी पर्याप्त सबूत नहीं दे पाते हैं तो उन्हें वापस सर्बिया भेज दिया जाएगा। अब जब जोकोविच मेलबर्न पहुंचे तो उनका वीजा रद्द कर दिया गया। खिलाड़ियों ने लगाया ऑस्ट्रेलिया पर राजनीति का आरोपकुछ का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार का यह फैसला पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। यूक्रेन के टेनिस खिलाड़ी सर्जी शखोवस्की ने जोकोविच का सपोर्ट करते हुए राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- अगली बार से कोई आपसे बोले कि खेल और राजनीति को अलग रखना चाहिए तो छह जनवरी 2022 को याद रखना जब विशुद्ध राजनीतिक अहंकार की वजह से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को ऐसे देश में प्रवेश नहीं दिया गया जहां सरकारी संस्थानों को प्रवेश मिल रहा था। अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी टेनिस सैंडग्रेन इस बारे में कहा- एक बात साफ है कि दो अलग अलग मेडिकल बोर्ड ने उन्हें छूट देने को मंजूरी दी। अब राजनेता इसे रोक रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ग्रैंड स्लैम की मेजबानी का हकदार ही नहीं है। ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में खिंची 'तलवारें'जोकोविच मामले पर ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया आमने-सामने हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा, ‘जोकोविच का वीजा रद्द कर दिया गया है। नियम नियम हैं, खासकर जब हमारी नीतियों पर बात आती है तो इन नीतियों से ऊपर कोई नहीं है।’ दूसरी ओर, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच ने कहा, ‘मैंने नोवाक को बताया कि पूरा सर्बिया उनके साथ है और हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेनिस खिलाड़ी की इस तरह प्रताड़ना पर तुरंत रोक लगे।’
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