गौरक्षा, गौहत्या को रोकने के नाम पर मॉब लिंचिंग की अनुमति नहीं दे सकते, बुलंदशहर मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

नई दिल्ली बुलंदशहर मॉब लिचिंग () मामले में मुख्य आरोपित योगेश राज (Yogesh Raj) की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जमानत देने के आदेश पर शीर्ष अदालत ने सोमवार को रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने योगेश को कहा है कि वह 7 दिनों के भीतर सरेंडर करे। इस मॉब लिचिंग (Bulandshahr Mob Lynching Case) में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Singh Murder Case) की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि गोहत्या के कारण लिंचिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती है। ये मामला काफी गंभीरसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला काफी गंभीर है जहां गोहत्या के बहाने एक पुलिस अधिकारी की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि हम इन चीजों को जारी रखने की अनुमति नहीं दे सकते। हम इसके बारे में बहुत आश्वस्त हैं। पीठ ने गायों की रक्षा या गोहत्या को रोकने के नाम पर मॉब लिंचिंग की अपनी अस्वीकृति को रेखांकित करते हुए कहा कि हम लिंचिंग की अनुमति बिल्कुल नहीं दे सकते। गोहत्या के नाम पर पीट-पीटकर मार डालासुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षकारों के वकीलों की दलील से साफ है कि अभी आरोप तय नहीं किए गए हैं और मामला गंभीर है। गो हत्या के नाम पर बहाने से एक पुलिस अधिकारी को पीट कर मारा गया और जान से मार डाला गया है। पहली नजर में कानून अपने हाथ में लेने का केस दिखता है। इस मामले में हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाई जाती है और निर्देश दिया जाता है कि आरोपी योगेश सरेंडर करे और इसके लिए सात दिनों का वक्त दिया जाता है। सुबोध सिंह की पत्नी ने दाखिल की अर्जी मामले में मृतक इंस्पेक्टर की पत्नी रजनी सिंह ने अर्जी दाखिल की थी। पुलिस अधिकारी मौके पर कानून व्यवस्था कायम करने गए थे और फिर वह मॉब हिंसा के कारण उनकी जान चली गई। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश ने आदेश में कहा, 'मामला काफी गंभीर है, जहां गोहत्या के बहाने एक पुलिस अधिकारी की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है। प्रथम दृष्टया यह उन लोगों का मामला है जो कानून अपने हाथ में ले रहे हैं।' अदालत ने कहा कि हमारा विचार है कि योगेशराज को आज से सात दिनों की अवधि के भीतर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जाना चाहिए और इस प्रकार उस सीमा तक जमानत देने वाले आदेश पर रोक लगाई जाती है।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi, coronavirus vaccine latest news update https://ift.tt/3JRqCi3