नयी दिल्ली केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने जंगली सूअरों को हिंसक जानवर घोषित करने की अनुमति मांगने के केरल सरकार के अनुरोध को सोमवार को खारिज कर दिया। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि लोगों को जानवर को मारने की अनुमति देने से फायदे से अधिक नुकसान होगा। केरल के वन मंत्री एके शशींद्रन ने कहा केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आश्वासन दिया है कि मंत्रालय इस स्थिति से निपटने के लिए अन्य तरीकों पर विचार करेगा। केरल के मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से की बातशशींद्रन ने सोमवार को नयी दिल्ली में यादव से मुलाकात की और राज्य में वन क्षेत्र के निकट स्थित गांवों में जंगली सूअरों के बढ़ते उत्पात का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के कृषक समुदाय ने सरकार से जंगली सूअरों को हिंसक जानवर घोषित करने का आग्रह किया है क्योंकि इन जानवरों के कारण फसलों के नुकसान से किसानों की आजीविका प्रभावित हो रही है। लोगों को नुकसान होगा केरल के मंत्री ने दिल्ली में यादव के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘इस बात की जानकारी केन्द्रीय मंत्री को दी गई। उन्होंने कहा कि लोगों को जानवरों को मारने की अनुमति देने से फायदे से अधिक नुकसान होगा। उन्होंने इस परेशानी से निपटने और लोगों की मदद के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।’ केरल उच्च न्यायालय ने दी थी अनुमति गौरतलब है कि केरल उच्च न्यायालय ने इस साल जुलाई में कुछ किसानों के कृषि भूमि क्षेत्र में जंगली सूअरों को मारने की अनुमति दी थी क्योंकि राज्य सरकार द्वारा इस समस्या से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का कोई खास असर नहीं हुआ था।
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