श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल सिक्यॉरिटी मीटिंग में एक बड़ा फैसला हुआ है। श्रीनगर में शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्देश जारी किए गए हैं कि अब से घाटी में सिखों और कश्मीरी पंडितों के मोहल्लों की ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। स्थानीय नागरिकों और गैर कश्मीरी लोगों पर हुए हमलों के बाद अधिकारियों की बैठक में यह फैसला किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से एरियल सर्विलांस के अलावा, ग्राउंड सिक्यॉरिटी के लिए इलाकों में सीआरपीएफ के साथ सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ियों को भी तैनात किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से राजधानी श्रीनगर में अतिरिक्त नाके लगाए जाएंगे। साथ ही श्रीनगर की सड़कों पर सिक्यॉरिटी बंकर के जरिए सर्विलांस किया जाएगा। शाह की हाई लेवल मीटिंग में कई फैसले आर्टिकल 370 के प्रावधानों के अंत के बाद शनिवार को पहली बार श्रीनगर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने यहां पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समेत उच्च पदस्थ अफसरों के साथ सुरक्षा की समीक्षा की। इस बैठक में सेना, पुलिस, आईबी, मिलिट्री इंटेलिजेंस, सीआरपीएफ और बीएसएफ के अफसरों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा केंद्र के अधीन आने वाली अन्य एजेंसियों के अफसर भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में शाह ने निर्देश दिया कि स्थानीय नागरिकों पर हुए हमलों की वारदात फिर से ना हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। ड्रोन के जरिए इलाकों की निगरानी सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट्स के आधार पर एजेंसियों ने यह फैसला लिया है कि घाटी में तमाम संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा के बंदोबस्त किए जाएंगे। इसके अलावा सिखों, कश्मीरी पंडितों, बकरवालों और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के इलाकों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान व्यवस्था के अलावा डीआरडीओ की ओर से इजराइली तकनीक से लैस कुछ ड्रोन जल्द ही घाटी की सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाए जाएंगे। 50 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती कश्मीर में करीब 7 साल बाद एक बार फिर बंकर युग की वापसी हुई है। श्रीनगर में 2014 में हटाए गए बंकर्स को एक बार फिर से बनाया जाने लगा है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों की 50 अतिरिक्त कंपनियों को श्रीनगर समेत घाटी के 8 जिलों में तैनात करने का काम शुरू हो गया है। कश्मीर में एनआईए के 70 से अधिक हाईलेवल अफसरों को कैंप करने के लिए कहा गया है। वहीं सीआरपीएफ के एक और स्पेशल डीजी को घाटी में तैनात करने की तैयारी की जा रही है। हमले के बाद भागने की साजिश होगी नाकाम श्रीनगर शहर में एक बार फिर बंकर्स के जरिए सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। साल 2014 में बंकर्स की व्यवस्था को कश्मीर घाटी से हटाया गया था। 2011 से 2014 के बीच क्रमबद्ध तरीके से बंकर्स को हटाया गया था, लेकिन अब इन्हें वापस लाया गया है। कश्मीर में 'हिट ऐंड रन' यानि आतंकियों के हमला करने के बाद भागने की साजिश को नाकाम करने के लिए इन बंकर्स की व्यवस्था कराई गई है।
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi, coronavirus vaccine latest news update https://ift.tt/3jujrRa