मुंबई केकेआर और एसआरके एक दूसरे के पर्याय हैं। कोरबो लोरबो जीतबो रे....यही वो लाइन है, जिसे बोलकर शाहरुख खान अपनी टीम का आईपीएल में हौसला बढ़ाते थे। दुनिया के किसी भी कोने में मैच हो वह कोलकाता को सपोर्ट करने पहुंच जाते थे। मगर अब जब नाइटराइडर्स अपने तीसरे खिताब से सिर्फ एक कदम दूर हैं तो शाहरुख खान मैदान पर नहीं होंगे। 20 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे आर्यनशाहरुख न तो अपने प्लेयर्स को मोटिवेट कर पाएंगे और न ही स्टैंड्स से फैंस को फ्लाइंग किस दे पाएंगे। बॉलीवुड का यह 'बादशाह' इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। ड्रग्स केस में फंसे बेटे आर्यन को गुरुवार को भी जमानत नहीं मिली। कोर्ट ने 20 अक्टूबर तक अपना फैसला सुरक्षित रखा है। मतलब साफ है कि आर्यन खान को तब तक जेल में ही रहना होगा। टीवी पर भी शायद ही देखें फाइनल!एक पिता के लिए इससे ज्यादा बेबसी क्या होगी कि उसका बेटा जेल में बंद है और वह उसे बाहर नहीं निकाल पा रहा। जिस उम्र में बेटे का करियर संवारना था, उस वक्त शाहरुख अपने लाल को निर्दोष साबित करने में दिन-रात एक किए हुए हैं। ये सारा कांड भी उसी वक्त हुआ जब यूएई में इंडियन प्रीमियर लीग जारी है। वैसे भी यह क्रिकेट टूर्नामेंट शाहरुख खान के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता था। अपने पूरे परिवार और फिल्म जगत के दोस्तों के साथ वह स्टेडियम पहुंचते और जमकर चीयर करते। अब ऐसे टेंशन भरे माहौल में शायद ही 'किंग खान' 15 अक्टूबर को होने वाला फाइनल टीवी पर भी देखें। बढ़ती जा रही आर्यन की मुश्किलेंदूसरी ओर, एनसीबी की तरफ से बोलते हुए एएसजी अनिल सिंह ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि आर्यन खान इंटरनैशनल ड्रग्स तस्करी की साजिश में शामिल हो सकते हैं। इस पर अमित देसाई ने कहा कि ये बेतुके आरोप हैं। एनसीबी ने कोर्ट में सौंपे अपने जवाब में कहा है कि आर्यन के फोन से जो ड्रग चैट मिले हैं, उसमें विदेशी नागरिक से बातचीत है और कर्मशियल मात्रा में ड्रग्स के खरीद की बात हो रही है। एनसीबी की तरफ से कोर्ट में यह भी कहा गया कि पहली नजर में यही पता चलता है कि आर्यन खान अपने दोस्त अरबाज मर्चेंट से ड्रग्स लेते थे। अरबाज के पास से छापेमारी में 6 ग्राम चरस भी बरामद हुआ था। केकेआर और CSK के बीच फाइनलआंकड़ों की बात करे तो चेन्नई 12 सत्रों में नौ बार फाइनल में पहुंची है चूंकि दो सत्रों में वह लीग से बाहर थी। चेन्नई ने तीन खिताब जीते और पांच बार फाइनल में हारी जबकि केकेआर ने दोनों खिताब गौतम गंभीर की कप्तानी में जीते हैं। फाइनल तक पहुंचने की कला चेन्नई से बेहतर कोई टीम नहीं जानती है। दूसरी ओर केकेआर ने 2012 में आखिरी खिताब जीता था जब दो गेंद बाकी रहते 190 रन का लक्ष्य हासिल किया था। चेन्नई के लिये चौथा खिताब जीतने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि वह केकेआर की स्पिन तिकड़ी वरूण चक्रवर्ती, शाकिब अल हसन और सुनील नारायण का सामना कैसे करते हैं।
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