रवि सिन्हा,रांची शारदीय नवरात्र के महानवमी के अवसर पर गुरुवार को देश में कन्या पूजन कर मातृ शक्ति की पूजा की जा रही है। रांची के जोन्हा की रहने वाली दीप्ति कुमारी ने जमशेदपुर में आयोजित में स्वर्ण पदक जीत कर पूरे देश में झारखंड का नाम रौशन करने में सफलता हासिल की हैं। इस प्रतियोगिता में विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली दीपिका कुमारी र्क्वाटर फाइनल में ही पंजाब की सहेजप्रीत कौर से हार कर बाहर हो गईं, जबकि दीप्ति ने सेमीफाइनल में सहेजप्रीत कौर को ही पराजित कर फाइनल में स्थान पक्का किया। फाइनल मुकाबले में जूनियर विश्व कप की स्वर्ण पदक विजेता कोमोलिका को हराकर दीप्ति कुमारी ने सभी को चौंका दिया। किराए के लिए पैसे नहीं थे, पर लक्ष्य से नहीं चूकी, बनीं राष्ट्रीय चैंपियनजमशेदपुर के जेआरडी स्पोट्स ग्राउंड में आयोजित 40वीं सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप का खिताब जीत कर पूरे भारत में सनसनी फैलाने वाली दीप्ति कुमारी की कहानी भी कई अन्य खिलाड़ियों की तरह काफी संघर्षपूर्ण है। राष्ट्रीय चैंपियन बनने वाले दीप्ति के पिता केईनाथ महतो सवारी गाड़ी के ड्राइवर है और वे प्रतिदिन अपनी गाड़ी पर बैठा कर दिहाड़ी मजदूरों को जोन्हा से 40 किमी दूर राजधानी लाने और ले जाने का काम करते है। मां ने उधार लेकर दीप्ति के लिए पहली बार खरीदा था धनुष दीप्ति की मां सोमती देवी गृहिणी है और वह बताती है जब उनकी बेटी ने 2013 में पहली बार धनुष खरीदने की जिद की, तो आसपास के लोगों और अन्य रिश्तेदारों से उधार लेकर अपनी बेटी के लिए बांस का तीर-धनुष खरीदा था। लंबाई देखकर तीरंदाजी प्रशिक्षण के लिए हुआ चयन वहीं दीप्ति के कोच रोहित कोइरी का कहना है कि वर्ष 2013 में वे जब खिलाड़ियों का चयन के लिए जोन्हा स्थित स्कूल पहुंचे, तो उस वक्त दीप्ति सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। उसकी हाइट देखकर उसे तीरंदाजी की सलाह दी और दीप्ति ने काफी मन लगाकर प्रशिक्षण में अपना समय लगाया। इन प्रतियोगिता में जीत चुकी है मेडल सबसे पहले वर्ष 2016 में दीप्ति रांची में आयोजित नेशनल स्कूल अंडर 17 में एक गोल्ड और एक ब्रांज जीतने में सफल रही, वहीं उसी वर्ष नवंबर-दिसंबर में आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में अंडर 14 में 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीती। इसके बाद 2017 में जमशेदपुर में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी 3 गोल्ड और 2 सिल्वर जीता। आईटीबीपी में खेल कोटा से दीप्ती को मिली नौकरी उसकी मेहनत को देखकर 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री और सिल्ली के विधायक सुदेश महतो ने दीप्ति को तीन-साढ़े लाख रुपये का रिकर्व तीर-धनुष उपलब्ध कराया और इसके बाद दीप्ति ने नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस साल आईटीबीपी में खेल कोटा से उसे नौकरी भी मिल गयी।
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