जयपुर, रामस्वरूप लामरोड़राजस्थान के टोंक जिले में रहने वाले ख़ानाबदोश जाति के लोगों की मोग्या गैंग कई सालों बाद एक बार फिर चर्चा में हैं। मामला राजधानी जयपुर से जुड़ा है। यहां जयपुर जिले के जमवारामगढ़ में खेतहपुरा गांव में एक महिला की बीती रात निर्मम हत्या कर हो गई। पता चला कि हत्या लूटपाट के इरादे से की गई। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार इस वारदात के पीछे के शामिल होने की आशंका है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों ने पहले 56 वर्षीय गीता देवी शर्मा की सिर और गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर उन्हें मार डाला। इसके बाद उसके पैर काटकर चांदी के कड़े और कानों को बालियां नोंच कर फरार हो गए। फिलहाल मामले में पुलिस छानबीन जारी है। वहीं हत्या के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार ना करने की बात पर अडे हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई जिलों में सक्रिय गैंगउल्लेखनीय है कि जयपुर, अजमेर, टोंक, भरतपुर, धौलपुर और सवाई माधोपुर सहित राजस्थान के करीब एक दर्जन जिलों में मोग्या गैंग का खौफ है। समय समय पर मोग्या गैंग चोरी और लूट के लिए नृशंष हत्या की वारदातों को अंजाम देती है। दरअसल टोंक और सवाई माधोपुर के आसपास सुनसान जंगलों में मोग्या नाम की एक जनजाति रहती है। इस जनजाति के अधिकांश सदस्य आपराधिक वारदातों में लिप्त रहते हैं। पुरुष और महिलाएं अलग अलग गैंग्स बनाकर चोरी, लूट और हत्या की संगीन वारदातों अंजाम देते हैं। बार बार डेरे बदलने की वजह से मोग्या गैंग पुलिस की पकड़ से अमूमन बच जाती है। इसी वजह से राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई जिलों में मोग्या गैंग कई वारदातों को अंजाम देने में कामयाब हो जाती है। देवीय वरदान मानकर वारदातें करते हैं मोग्या गैंग के सदस्यजून 2021 में टोंक पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश कालू मोग्या को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में कालू मोग्या ने सनसनीखेज खुलासे किए। उसने बताया कि उनकी जनजाति में लूट और हत्या जैसी संगीन वारदातें करना देवीय वरदान माना जाता है। मोग्या का मानना है कि वे इसी के लिए पैदा हुए हैं। इसलिए वारदातों को अंजाम देने में कामयाब होने के बाद परिवार की महिलाएं जश्न मनाती है। देवी की प्रतिमा के आगे लूट की रमक रखकर पूरी रात जश्न मनाया जाता है। संगीन वारदातों को अंजाम देने के लिए परिवार के नाबालिग बालक भी शामिल होते हैं। सुनसान इलाकों में बना मकानों को बनाते हैं निशानामोग्या गैंग अलग अलग ग्रुप्स में विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों में वारदातों को अंजाम देती रहती है। इस गैंग के सदस्य अमूमन सुनसान इलाकों में बने वारदातों को अंजाम देते हैं या कहीं खेतों में अकेली महिला नजर आती है तो ये लोग बर्बरता पूर्वक हत्या करके लूट की वारदात को अंजाम देते हैं। महिलाओं के पैर से चांदी के कड़े लूटने के लिए मोग्या गैंग के सदस्य महिलाओं के पैर कुल्हाड़ी से काट देते हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश में इस तरह की दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है। मोग्या गैंग्स की महिलाएं देती है चोरी की वारदातों को अंजाममोग्या गैंग्स की महिलाएं भी चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देती है। ये महिलाएं ग्रुप बनाकर घूमती है। जहां इन्हें मौका मिलता है वहीं पर ये महिलाएं चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाती है। पिछले साल नवम्बर 2020 में धोलपुर पुलिस ने मोग्या गैंग की पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में इन महिलाओं ने बताया कि ये चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे चुकी है।
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