35 सेकंड में देखिए पीवी सिंधु की विजय गाथा, कैसे चीनी शटलर को रौंद रचा इतिहास

तोक्योरियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडल विजेता और विश्व चैंपियन छठी वरीय पीवी सिंधु ने रविवार को चीन की आठवीं वरीय ही बिंग जियाओ को सीधे गेम में हराकर तोक्यो खेलों की महिला एकल स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके साथ ही वह ओलिंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी। दिग्गज पहलवान सुशील कुमार बीजिंग 2008 खेलों में ब्रॉन्ज और लंदन 2012 खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर ओलिंपिक में दो व्यक्तिगत मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे। दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधु ने मुसाहिनो फॉरेस्ट स्पोर्ट्स प्लाजा में 53 मिनट चले ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में चीन की दुनिया की नौवें नंबर की बाएं हाथ की खिलाड़ी बिंग जियाओ को 21-13, 21-15 से शिकस्त दी। बिंग जियाओ के खिलाफ 16 मैचों में यह सिंधु की सातवीं जीत है जबकि उन्हें नौ मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी। इस मुकाबले से पहले सिंधु ने बिंग जियाओ के खिलाफ पिछले पांच में से चार मुकाबले गंवाए थे। सिंधु को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग के खिलाफ 18-21, 12-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। तोक्यो खेलों का यह भारत का दूसरा मेडल है। इससे पहले वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने सिल्वर मेडल जीता था। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए मेडल पक्का कर चुकी हैं। भारत ने इसके साथ ही ओलिंपिक में मेडल की हैटट्रिक पूरी की। साइना नेहवाल लंदन 2012 खेलों में ब्रॉन्ज मेडल के साथ ओलिंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थी जबकि इसके चार साल बाद सिंधु ने रियो में सिल्वर मेडल जीता।


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