कोलंबो भारत-श्रीलंका के बीच रविवार को पहला वनडे खेला गया। इस मुकाबले में धवन एंड कंपनी ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो इस दल को भारत की 'बी' टीम बता रहे थे। अब युवा भारतीय खिलाड़ियों के हौसले जहां सातवें आसमां पर है तो श्रीलंका पर सीरीज हारने का खतरा भी मंडरा रहा है। श्रृंखला का दूसरा और निर्णायक मैच 20 जुलाई को उसी आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा, जहां पहले मैच में पृथ्वी साव, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव और शिखर धवन की आतिशी पारी आई। वैसे तो दूसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन में किसी बदलाव की गुंजाइश कम ही है, लेकिन दौरे पर ऐसे कई अनकैप्ड खिलाड़ी भी पहुंचे हैं, जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में आइए अगले मैच में भारत की संभावित अंतिम 11 पर नजर डाल लेते हैं। शिखर धवन (कप्तान): बतौर कप्तान गब्बर ने बेहतरीन शुरुआत की। बल्लेबाज के रूप में भी उनकी पारी में गंभीरता और सूझबूझ नजर आई। अपनी छवि के विपरित उन्होंने 95 गेंद में 86 रन की नाबाद पारी खेली। उम्मीद है कि वह अपने शानदार फॉर्म को पूरे दौरे पर जारी रखें। पृथ्वी साव: इस खिलाड़ी का नाम भले ही पृथ्वी हो, लेकिन क्षमता आकाश चूमने की है। शुरुआती 10 ओवर्स में ही इन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों को तहस-नहस कर दिया था। 24 गेंद में ताबड़तोड़ 43 रन बनाने वाले पृथ्वी अगर वह कुछ देर और टिक जाते तो शायद अकेले अपने दम पर ही मैच जीता आते। ईशान किशन (विकेटकीपर): संजू सैमसन की इंजरी के बाद ईशान बतौर विकेटकीपर स्वत: ही पहली और एकमात्र चॉइस बन गए। खब्बू बल्लेबाज ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। 42 गेंद में 59 रन की शानदार पारी खेली। डेब्यू वनडे में अर्धशतक जमाने के बाद शायद ही उन्हें कोई अगले मैच से बाहर रखने की सोचेगा। सूर्यकुमार यादव: मध्यक्रम के सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में सूर्यकुमार को देखा जा रहा है, जिस तरह उन्होंने धवन के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई, उसका हर कोई दीवाना हो गया। 20 गेंदों में 31 रन की छोटी, लेकिन नाबाद पारी में हमें चार बेहतरीन चौके भी देखने को मिले। मनीष पांडे: 2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे, उस दल के अगुवा विराट कोहली आज भारत के कप्तान हैं तो दूसरी ओर मनीष पांडे अबतक अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। पहले वनडे में जहां टीम के हर बल्लेबाज ने रन बनाए तो मनीष उस लय में नजर नहीं आए। 26 रन बनाने के लिए 40 गेंद खेल डाली, हालांकि टीम मैनेजमेंट उन्हें एक मौका और देना चाहेगा। हार्दिक पंड्या: हार्दिक को भले ही बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला हो, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी में हाथ आजमाए। एक विकेट जरूर मिला, लेकिन पांच ओवर में 34 रन भी लुटा दिए। फिलहाल वह लय हासिल करने की जुगत में है और टीम से उन्हें तब तक नहीं निकाला जाएगा, तबतक वह इंजर्ड नहीं हो जाते। क्रुणाल पंड्या : भारत की ओर से सबसे किफायती गेंदबाजी क्रुणाल ने ही की थी। 10 ओवर में महज 26 रन देकर एक विकेट निकालने वाले क्रुणाल ने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी बोलिंग क्षमता पर उठे सवालों को जवाब दिया है।
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