नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 और 13 जून को जी7 के 47वें शिखर सम्मेलन के संपर्क (आउटरीच) सत्रों में डिजिटल माध्यम से भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि मोदी देश में कोरोना वायरस महामारी की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर जी7 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्रिटेन नहीं जाएंगे। जी7 समूह में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका शामिल हैं। जी7 के अध्यक्ष के नाते ब्रिटेन ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका को शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है। G-7 का हिस्सा नहीं है भारत भारत G-7 का हिस्सा नहीं है, लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री मोदी को इस समिट में शामिल होने के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित किया है। भारत की तरह ही ऑस्ट्रेलिया और साउथ कोरिया भी जी-7 का हिस्सा नहीं हैं लेकिन उन्हें भी गेस्ट कंट्री के तौर पर शामिल होने का न्योता मिला है। क्या है G-7? जी-7 दुनिया की 7 बड़ी विकसित अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, जर्मनी, इटली और कनाडा शामिल हैं। इसकी पहली शिखर बैठक 1975 में हुई थी लेकिन तब इसके सिर्फ 6 सदस्य थे। 1976 में कनाडा भी इसके साथ जुड़ गया जिसके बाद इसे 'ग्रुप ऑफ सेवन' नाम मिला।
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi, coronavirus vaccine latest news update https://ift.tt/3itdhkA