नई दिल्ली दिसंबर तक सरकार ने देश की पूरी वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। यह और बात है कि कई राज्यों में वैक्सीन की किल्लत के बीच सरकार के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर सवाल उठे थे। अब ने इसका पूरा गणित समझाया है। उन्होंने कहा है कि देश में दिसंबर तक वैक्सीन की 200 करोड़ डोज उपलब्ध होंगी। अभी हर महीने 1 करोड़ वैक्सीन का प्रोडक्शन हो रहा है। जुलाई-अगस्त तक उत्पादन में हर महीने 6-7 फीसदी का इजाफा होगा। उम्मीद है कि सितंबर तक हर महीने 10 करोड़ वैक्सीन तैयार होने लगेंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने बताया कि पहले 2 कंपनियां वैक्सीन का निर्माण कर रही थीं। अब 13 कंपनियां इन्हें बना रही हैं। दिसंबर तक 19 कंपनियां वैक्सीन बनाने लगेंगी। सरकार पहले ही कह चुकी है कि नया साल आने से पहले देश की पूरी वयस्क आबादी को कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षित कर देना है। इसके लिए कोरोना वैक्सीनेशन की औसत दैनिक रफ्तार पांच गुना के करीब बढ़ानी होगी। कोविड-19 महामारी के खिलाफ देश में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी जो लगातार जारी है। इन राज्यों में लगाना होगा जोर अगर राज्य दर राज्य स्थिति का जायजा लें तो यूपी, बिहार, तमिलनाडु, झारखंड और असम में तो राष्ट्रीय मांग से कहीं ज्यादा रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर तक देश में टीकाकरण अभियान को मुकाम तक पहुंचाना है तो यूपी में अभी के रोजाना औसत टीकाकरण को नौ गुना, बिहार को आठ गुना जबकि तमिलनाडु, झारखंड और असम को सात गुना तेज करना होगा। लक्ष्य हासिल करने की चुनौती हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया (ToI) ने 2021 तक जनसंख्या कार्यालय की अनुमानित राज्यवार वयस्क आबादी का आकलन किया है। इससे पता चला कि साल के अंत तक किस राज्य को वैक्सीन की कितनी डोज लगानी होगी ताकि उसकी पूरी वयस्क आबादी कवर हो जाए। फिर टीकाकरण अभियान के 143 दिनों में अब तक हासिल लक्ष्य और दैनिक औसत का विश्लेषण किया गया। देश को यह पता हो कि अब तक क्या हासिल किया गया है तो यह भी पता होना चाहिए कि कितना बाकी बचा है। अगर 8 जून से जोड़ें तो इस साल के खत्म होने में 207 दिन बचे हैं। इसी से हमें राज्यवार वयस्क आबादी के पूर्ण टीकाकरण के लिए औसत दैनिक रफ्तार के आंकड़े मिल गए। अभी क्या है हाल? उत्तर प्रदेश के आंकड़ों पर गौर करें तो वहां 12% से भी कम वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली डोज मिल पाई है जबकि सिर्फ 2.5% वयस्क आबादी दूसरी डोज भी ले चुकी है। वहां हर दिन 1.4 लाख डोज की औसत रफ्तार से टीकाकरण अभियान आगे बढ़ रहा है। ऐसे में देखा जाए तो यूपी में दिसंबर तक पूरी वयस्क आबादी को टीका देने का लक्ष्य हासिल करने के लिए बचे हुए दिनों में 13.2 लाख डोज की औसत दैनिक रफ्तार से टीकाकरण अभियान को बढ़ाना होगा जो अब तक के हासिल दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 9 गुना से भी ज्यादा है। इसी तरह, बिहार ने अपनी 12.6% वयस्क आबादी को टीके की पहली डोज दी है जबकि सिर्फ 2.5% आबादी को दूसरी डोज मिली है। वहां की वयस्क आबादी के लिहाज से देखें तो शेष समय में बाकी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीकाकरण अभियान की दैनिक रफ्तार 8.4 गुना बढ़ाने की दरकार है।
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi, coronavirus vaccine latest news update https://ift.tt/3wd5FXx