नई दिल्ली विश्व विद्यालय अनुदान आयोग () ने देश भर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा है कि वे पर होने जा रही राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों को शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। इस परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय कामधेनु आयोग कर रहा है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा है कि वे अखिल भारतीय ऑनलाइन ‘कामधेनु गौ-विज्ञान प्रसार-प्रसार परीक्षा’ में स्वेच्छा से शामिल होने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करें। 25 फरवरी को है एग्जाम कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार-प्रसार परीक्षा 25 फरवरी को होगी जिसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। परीक्षा संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, पंजाबी, मराठी, कन्नड़, मलयालम, तमिल, मराठी, तेलुगू और उड़िया भाषा में होगी जिसमें वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें प्राइमरी स्कूलों से लेकर कॉलेजों तक के छात्र भाग ले सकते हैं। इसके अलावा आम जनता से भी कोई भी शख्स इस परीक्षा में शामिल हो सकता है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने पांच जनवरी को एक अधिसूचना में कहा था कि इस परीक्षा को कराने का मकसद सभी भारतीयों के मन में गायों के बारे में जिज्ञासा पैदा करना और उन्हें गायों की क्षमताओं के बारे में बताना है। लोगों को पता होना चाहिए कि गाय अगर दूध देना बंद भी कर दे, तो भी वह व्यवसाय के कितने अवसर दे सकती है।
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