चीनी ऐप बैन की इनसाइड स्‍टोरी: पीएम मोदी के इशारे पर पूरी रात चला था पेपरवर्क

नई दिल्‍ली TikTok और WeChat जैसी चीनी ऐप्‍स को बैन करने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय को पूरी रात काम करना पड़ा था। अगले दिन भारत और चीन के सैन्‍य कमांडरों के बीच तीसरे दौर की बातचीत होनी थी। उससे पहले मंत्रालय ने इस अभूतपूर्व कदम के लिए रातभर में पेपरवर्क पूरा कर लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रीफिंग बड़ी साफ थी और उसपर ऐक्शन लेने में मंत्रालय के टॉप अधिकारी जुटे हुए थे। पीएम मोदी ने दो टूक कहा था, बातचीत शुरू होने से पहले बैन की घोषणा हो जानी चाहिए। कानूनी अधिकारियों के साथ IT मंत्रालय के अधिकारियों ने वक्‍त रहते ही पेपरवर्क पूरा कर लिया था। IT मंत्री रविशंकर प्रसाद के ऑफिस में पर्दे खींच दिए गए थे ताकि किसी को पता न चले कि हो क्‍या रहा है। भारत के कदम से चीन का बैलेंस बिगड़ालाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीनी सेनाओं के पास ऐडवांटेज था। ऐसे वक्‍त में, संवेदनशील सैन्‍य बातचीत से पहले संभलकर कदम उठाना ही ठीक होता। लेकिन अगस्‍त के आखिरी दिनों में भारत ने अपने कदम से बैलेंस को मोड़ दिया। पीएम के निर्देश साफ थे कि चीन को गलवान में हुई झड़प के बाद संदेश जरूर जाना चाहिए। पैंगोंग झील के दोनों तरफ जिस डिसइंगेजमेंट की घोषणा हुई है, सैन्‍य और कूटनीतिक स्‍तर की बातचीत का सबसे मुश्किल पहलू वही था। एक हेलीपैड बनाए जाने की रिपोर्ट्स के बीच, रिजेस पर चीनी मौजूद थे। दम दिखाया तो हड़बड़ा गया ड्रैगनसरकार का अप्रोच था कि चीन को राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक स्‍तर पर काउंटर किया जाए। चीन के लिए यह बिल्‍कुल नया अनुभव था। भारत की तरफ से बार-बार इशारा किया गया कि वह आर्थिक और सैन्‍य रूप से मजबूत दुश्‍मन के आगे नहीं झुकेगा, इससे गतिरोध बरकरार रहा। पैंगोंग के दक्षिण में जब भारत ऊंचाइयों पर काबिज हो गया तो चीन के हड़बड़ाहट भरे रिएक्‍शन ने साफ बता दिया कि उनकी योजनाएं विफल रही हैं। इसके बाद चीन की तरफ से घुसपैठ की कई नाकाम कोशिशें हुईं। नए एग्रीमेंट से LAC पर शांति तो थी मगर दोनेां देशों के सैनिक एक-दूसरे के बेहद करीब थे। अब सामने हैं नई चुनौतियांइन सब चीजों से चीन के नेताओं को यह सबक भी मिला कि अपने हिसाब से LAC से छेड़छाड़ करने की उनकी योजना सफल नहीं होने जा रही। फिंगर 4 से 8 पर कब्‍जा इस योजना का अहम हिस्‍सा था। अभी के लिए, भारत इस इलाके में मौजूद नहीं होगा, मगर चीनी भी नहीं होंगे। गोगरा-हॉट स्प्रिंग्‍स, पैट्रोल पॉइंट 17 और देपसांग की चुनौती सामने है और इसमें और धैर्य की जरूरत पड़ेगी। लेकिन स्‍टैंडऑफ के खात्‍मे की घोषणा पर न सिर्फ दक्षिण एशिया और इंडो-पैसिफिक की नजरें थीं, बल्कि चीन के भीतर भी उसका इंतजार था।


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