वैलेंटाइंस डे को याद नहीं करना चाहती साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम, जानिए क्यों?

नई दिल्ली क्रिकेट इतिहास में 14 फरवरी () का दिन साउथ अफ्रीका शायद ही याद करना चाहेगा। इसी दिन साल 1896 में साउथ अफ्रीकी टीम को इंग्लैंड ने सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मात्र 30 रन पर समेट दिया था और उसके नाम शर्मनाक रेकॉर्ड दर्ज हो गया। पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 288 रनों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 185 रन बनाए थे, जिसके बाद साउथ अफ्रीकी टीम को मात्र 93 रन पर समेट दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 226 रन बनाए और साउथ अफ्रीका को 319 रन का टारगेट दिया। पढ़ें, लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीकी टीम मात्र 18.4 ओवर ही खेल सकी और 30 रन पर उसकी दूसरी पारी ढेर हो गई। यह मुकाबला केवल 2 दिन में ही समाप्त हो गया। जॉर्ज लोहमैन ने जहां पहली पारी में 38 रन देकर 7 विकेट झटके तो वहीं, दूसरी पारी में भी कमाल दिखाया और 9.4 ओवर में मात्र 7 रन देकर 8 विकेट अपने नाम किए। क्रिकेट इतिहास में यह किसी टेस्ट मैच में दूसरा सबसे कम स्कोर है। साल 1955 को ऑकलैंड में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए न्यूजीलैंड टीम सिर्फ 26 रन पर ऑलाआउट हो गई थी।


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