कोलकाता पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन गृह मंत्री अमित शाह ने नैशनल लाइब्रेरी में शौर्याजंलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने पश्चिम बंगाल के आइकन को श्रद्धांजलि अर्पित की। बंगाल यात्रा के पहले दिन अमित शाह ने कोलकाता के पड़ोसी दक्षिण 24 परगना जिले में रैली की थी। थोड़ी ही दूरी पर ममता बनर्जी ने भी जनसभा की थी। इस दौरान अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा तो ममता बनर्जी ने इसका जवाब दिया। कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा, 'सुभाष बाबू को देश की जनता इतने वर्ष के बाद भी इतने ही प्यार और सम्मान से याद करती है। बहुत प्रयास किए गए कि सुभाष बाबू को भुला दिया जाए, परन्तु उनका कर्तव्य, देशभक्ति और उनका सर्वोच्च बलिदान शायद कोई कितना भी प्रयास करे, पीढ़ियों तक भारत वासियों के जहन में जस का तस रहने वाला है।' 'सुभाष बाबू की जयंती पर एक साल तक चलेंगे कार्यक्रम'कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, सुभाष बाबू की 125वीं जयंती के कार्यक्रम एक वर्ष तक चलेंगे। देश के युवा इन कार्यक्रमों की श्रृंखला के साथ जुड़ें। ये कार्यक्रम देशभर में चलेंगे। शाह ने कहा,'देश का भविष्य वही युवा पीढ़ी बना सकती है, जो देश के इतिहास को समझती है।' 'हमें देश के लिए जीना है' अमित शाह ने कहा, 'देश का भविष्य वही युवा पीढ़ी बना सकती है, जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया जो उनके प्रति दिल में सम्मान रखती है। हम लोगों के भाग्य में देश के लिए मरना नहीं है, मगर देश के लिए जीना ईश्वर ने हम पर छोड़ा है।' बंगाल के शहीदों को याद करते हुए शाह ने कहा, 'जिन्होंने देश के लिए अपनी जान का बलिदान दिया, उसका स्मरण करके हम बाकी का जीवन देश के लिए जीना तय कर दे, तो उनके बलिदान को इससे बड़ी श्रद्धांजलि कोई नहीं हो सकती है।' शाह ने कहा, 'भारत सरकार ने एक प्रोग्राम शुरू किया है सुभाष चंद्र बोस जी के 125 वें वर्ष को न केवल सुभाष जी बल्कि देश को आजादी दिलाने के लिए जिन-जिन लोगों ने अपना बलिदान दिया है उन सभी को एक बार फिर जनमानस के अंदर जीवित करना और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है।' बंगाल में आज से शुरू होगी साइकल यात्राअमित शाह ने बताया, 'आज यहां से साइकल यात्रा शुरू होगी। तीन टुकड़ियां होंगी। एक टुकड़ी का नाम है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जो 270 किमी का सफर तय करके नामी, गुमनामी कई शहीदों के गांव जाकर महिमामंडन करने का प्रयास करेगी। दूसरी टुकड़ी रास बिहारी बोस की टुकड़ी है जो 400 किमी का सफर तय करेगी। साइकल यात्रा के जरिए बंगाल के अंदर 900 किमी की यात्रा करके युवाओं को प्रेरित करने का काम किया जाएगा।' बंगाल का कायाकल्प करने के लिए परिवर्तन यात्रा इससे पहले अमित शाह ने गुरुवार को 24 दक्षिण परगना जिले में रैली संबोधित की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था, ‘परिवर्तन यात्रा मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को बदलने के लिए नहीं है। यह तो घुसपैठ को बंद करने और बंगाल का कायाकल्प करने के लिए है। आप बीजेपी को वोट तो करो, अवैध प्रवासी तो क्या, सीमापार से एक पंछी को भी राज्य में घुसने की इजाजत नहीं होगी।’ उन्होंने कहा, ‘बीजेपी की लड़ाई बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की है। यह लड़ाई बूथ स्तर के हमारे कार्यकर्ता और तृणमूल कांग्रेस के गिरोह के बीच है।’ प्रवासी के घर पर किया था लंच ‘जय श्रीराम’ के नारे को लेकर उपजे विवाद के बारे में अमित शाह ने कहा था, ‘बंगाल की मुख्यमंत्री अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के चलते नारे के कारण नाराज हुईं।’ उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के ‘गुंडो’ ने अब तक 130 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की जान ली है। अमित शाह ने यहां एक प्रवासी परिवार के घर पहुंचे थे और उन्होंने वहां बीजेपी के अन्य नेताओं के साथ दोपहर का भोजन किया था।
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