नई दिल्ली केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के बीच से संबद्ध संगठन स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने खामियों को दूर करने के लिए कानून में कुछ संशोधन करने का रविवार को सुझाव दिया। संगठन ने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे पर कृषि उत्पाद की खरीद को अवैध बनाने की मांग की। हालांलकि एसजेएम ने जोर देकर कहा कि सरकार इन कानूनों को नेक नीयत से लाई है। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा पारित एक प्रस्ताव के मुताबिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी दी जानी चाहिए तथा एमएसपी से नीचे खरीद को गैर कानूनी घोषित करना चाहिए। इसमें कहा गया कि सिर्फ सरकार ही नहीं निजी कंपनियों को भी एमएसपी से कम दर पर खरीद से रोका जाना चाहिए। स्वेदेशी जागरण मंच के सह-समन्वयक अश्वनी महाजन ने कहा, 'स्वदेशी जागरण मंच को ऐसा लगता है कि खरीद करने वाली कंपनियां किसानों का शोषण कर सकती हैं। अत: कृषि उत्पाद बाजार समितियों से बाहर खरीद को मंजूरी देने पर किसानों को एमएसपी की गारंटी दी जाए और उससे कम में खरीद को गैर कानूनी घोषित किया जाए।' गौरतलब है कि इसी साल सितंबर में स्वदेशी जागरण मंच ने किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी वाला नया लाने की मांग की थी। आरएसएस के सहयोगी संस्था ने कहा था कि नए कानूनों को लेकर सरकार की मंशा भले ही नेक हो, लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं, जिससे विपक्ष को भ्रम फैलाने का मौका मिल रहा है। सरकार को बिलों को लेकर उठती आवाजों और किसानों की प्रतिक्रियाओं का समाधान करना होगा।
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/2Wbdwo1