भोपाल एमपी के लिए एक और सुखद खबर आई है। वन्य जीवों के संरक्षण में भी प्रदेश काफी आगे हैं। बाघों के बाद देश में सबसे ज्यादा तेंदुए मध्यप्रदेश में हैं। एमपी में तेंदुए की संख्या इतनी अधिक है कि दूसरे राज्य इसके करीब भी नहीं हैं। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने तेंदुए के गणना रिपोर्ट जारी की है। देश में भर में तेंदुए की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, एमपी में कुल 3421 तेंदुए हैं। तेंदुए की गणना बाघों के साथ ही 2018 में की गई थी। लेकिन बाघों की रिपोर्ट 2019 में जारी की गई थी। 2020 में तेंदुए की संख्या जारी की गई है। एमपी के बाद दूसरे नंबर पर कर्नाटक में तेंदुए की संख्या 1783 है जो एमपी से काफी पीछे हैं। वहीं, एमपी में बाघों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। प्रदेश में अभी 526 बाघ हैं। 4 साल में बढ़ गए 62 पर्सेंट केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया है कि 4 साल में देश में तेंदुओं की संख्या में 62 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। 2014 की गणना के अनुसार देश में तेंदुए की संख्या 7,910 थी। वहीं, 2018 के गणना में पूरे देश में तेंदुए की संख्या 12,852 हो गई है। लगभग डबल हो गए हैं तेंदुए दरअसल, एमपी में 2014 में 1817 तेंदुए थे। 2018 में की कई गणना में 1604 तेंदुए बढ़े हैं। वह भी तब, जब प्रदेश में विभिन्न कारणों से हर साल 60 तेंदुए की मौत होती है। तेंदुए की गिनती ट्रैप कमैर से हुई है। आंकड़े सामने आने के बाद एमपी को बाघ के बाद का तमगा मिला है। इससे वन विभाग के लोग काफी खुश है। वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने देश-भर में तेंदुओं की संख्या में प्रदेश को पहला स्थान हासिल करने पर प्रदेशवासियों और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव का क्षण है। जैव-विविधता को बढ़ावा देने के लिए एमपी सरकार निरंतर प्रयासरत है।
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