जिंदगी से जा रहा हूं, माफ कर देना... क्रेडिट कार्ड के बिल से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम

मुंबई का बिल न भर पाने और आए दिन मिल रहीं रिकवरी एजेंटों की धमकियों से तंग आकर एक शख्स ने आत्महत्या का रास्ता चुना, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसे बचा लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय राजीव पटेल (परिवर्तित नाम) मुंबई के मुलुंड में रहते हैं। उनकी पत्नी नर्स हैं। लॉकडाउन के दौरान राजीव की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई और वह क्रेडिट कार्ड के 80 हजार रुपये के बिल को चुकाने में असमर्थ हो गए। दूसरी ओर क्रेडिट कार्ड कंपनी के रिकवरी एजेंट लगातार बिल चुकाने के लिए राजीव पर दबाव बना रहे थे। एजेंटों की धमकियों से निजात पाने के लिए राजीव ने मौत को गले लगाने की ठान ली। रिकवरी एजेंटों के धमकी भरे कॉल्सबदनामी और रिकवरी एजेंटों के धमकी भरे फोन कॉल्स से परेशान होकर राजीव ने शनिवार को तालाब में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि इससे पहले कि वह यह कदम उठाते, उनकी पत्नी ने मोबाइल पर राजीव के भेजे आखिरी मेसेज 'जिंदगी से जा रहा हूं, माफ कर देना' को देख लिया। आनन-फानन में पत्नी ने वह मेसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसे एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने पढ़ लिया। अधिकारी ने मेसेज एक समाजसेवी को भेजा और उसने जोन-7 के डीसीपी प्रशांत कदम को भेजा। डीसीपी ने मेसेज को गंभीरता से लिया और मात्र 7-8 मिनट में उक्त नंबर के जरिए राजीव की लोकेशन ट्रेस कर ली। पहले भी की थी ट्रेन से कटने की कोशिश इसके बाद पुलिसकर्मियों की मदद से राजीव को आत्महत्या करने से रोक लिया। पुलिस में राजीव को थाने लाकर काउंसिलिंग देकर घर जाने दिया। जान बचाने वालों के इस प्रयास की मुंबई पुलिस आयुक्तालय ने सराहना की। उल्लेखनीय है कि राजीव पटेल ने कुछ दिन पहले मुलुंड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से कटकर भी जान देने की कोशिश की थी, लेकिन तब वह ऐसा करने में सफल नहीं हुए। लोगों ने उन्हें देख लिया और उनकी जान बचा ली। इसके बाद ही राजीव ने दोबारा आत्महत्या की योजना बनाई।


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