बूढ़ी गंडक का बढ़ा जलस्तर, बांध पर ली शरण

संदीप कुमार, बेगूसरायबिहार के बेगूसराय में संभावित बाढ़ के खतरे और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से लोग डरे हुए हैं। यही वजह है कि अब उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए बांधों पर शरण लेना शुरू कर दिया। लोगों को साल 2007 की यादें ताजा हैं, जब चेरिया बरियारपुर प्रखंड के बसही में बांध टूटने से दर्जनों लोग बेघर हो गए थे। जानमाल का भी काफी नुकसान हुआ था। ऐसे में इस बार गंडक का जलस्तर बढ़ते ही लोगों ने सुरक्षित जगह पर शरण ले लिया।जिला प्रशासन का दावा, सारे इंतजाम पूरेजिला प्रशासन की ओर से ये दावा जरूर किया जा रहा कि सारे इंतजाम किए गए हैं और बांध को टूटने नहीं दिया जाएगा। दरअसल, वर्ष 2007 में बसही के नजदीक बूढ़ी गंडक का तटबंध पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था और किनारे बसे दर्जनों गांव बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित हुए थे। इस बार भी गंडक के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है और पुरानी यादों के मन में उभरते ही लोग सिहर उठे। यही वजह है कि बाढ़ के दंश से अपने आपको को बचाने के लिए अब उन्होंने बांध पर शरण लेना शुरू कर दिया है।2007 की बाढ़ से डरे हुए हैं लोगआलम यह है कि इस बारिश के मौसम और धूप में भी लोग बिना छत के ही बांधों पर रहने को विवश हैं। लोगों की मानें तो प्रशासन की तरफ से समुचित व्यवस्था नहीं किए जा रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो बांध को टूटने से कोई नहीं बचा सकता। प्रशासन ने कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और संवेदनशील जगहों पर बचाव के हर एक उपाय किए जा रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण के अधिकारी रामनरेश सिंह ने कहा कि अगर गंडक के जलस्तर में और वृद्धि हुई तो खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। बिहार और आपके शहर की हर खबर अब Telegram पर भी। हमसे जुड़ने के लिए यहां क्‍ल‍िक करें और पाते रहें हर जरूरी अपडेट।

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