पश्चिचम चंपारण देश में तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है। इसकी चपेट में आने से अब तक 7 हजार से अधिक लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इस खतरनाक वायरस के लिए दुनिया के अधिकांश देश चीन को जिम्मेदार मानते हैं। भारत के अधिकांश नागरिक भी कोरोना को लैब में तैयार वायरस मानते हैं, जिसका जिम्मेदार चीन को ठहराया जाता है। इस बीच बिहार के पश्चिचम चंपारण जिले के बेतिया नगर में चीन की इस करतूत के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जीन पिंग और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डायरेक्टर समेत कई अज्ञात लोगों पर बेतिया CJM कोर्ट में केस दायर किया गया है। कोर्ट के अधिवक्ता मुराद अली ने यह केस दायर किया है, इस केस को स्वीकार करते हुए CJM कोर्ट ने केस पर सुनवाई की तिथि 16 जून निर्धारित की है। अधिवक्ता मुराद अली ने इस मामले में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गवाह बनाया है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि चीन के राष्ट्रपति व विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल ने साजिश रचकर पूरे विश्व में कोरोना वायरस को फैलाया है। जिसके कारण लाखों लोगों की जान जा चुकी हैं। अधिवक्ता धारा269,270,271,302,307,500,504 और 120 बी आईपीसी के तहत केस दायर किया है। अधिवक्ता मुराद अली ने आरोप लगाने का स्रोत सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से प्राप्त जानकारी को बताया है । रिपोर्ट-नगेन्द्र नारायण बगहा
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/2Yk2tJX