जामिया के गेट के बाहर हुई हवाई फायरिंग

नई दिल्‍ली दिल्‍ली के जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी के गेट नंबर पांच पर रविवार रात करीब 12 बजे फायरिंग की घटना हुई। बताया जाता है कि स्‍कूटी पर सवार दो लोगों ने फायरिंग की है। मौके पर मौजूद तमाम ने इन लोगों को वहां से फरार होते देखा। पिछले कुछ दिनों में इस तरह की फायरिंग की यह तीसरी घटना है। रविवार रात हुई फायरिंग के बाद चश्‍मदीदों ने बताया कि फायरिंग करने वाले शख्‍स लाल रंग की स्‍कूटी पर सवार होकर आए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वहां मौजूद छात्रों में भगदड़़ मच गई। उनमें नाराजगी थी कि पुलिस तैनात होने के बाद भी ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं। घटना के बाद वहां बड़ी संख्‍या में छात्र पहुंचने लगे। नाराज छात्रों ने जामिया नगर पुलिस स्‍टेशन के बाहर फायरिंग की इस घटना को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में शिकायत दर्ज होने पर प्रदर्शनकारी छात्र वहां से रवाना हो गए। पढ़ें: मौके से जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज इस मामले में एसीपी जगदीश यादव ने घटना के बारे में कहा, 'हमने बयान दर्ज कर लिए हैं। उनके आधार पर आईपीसी की धारा 307 और आर्म्‍स ऐक्‍ट सेक्‍शन 27 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। टीम मौके प रगई है। वह गेट नंबर 5 और 7 से सीसीटीवी फुटेज जुटाएगी। इसके बाद जो तथ्‍य सामने आएंगे उन्‍हें भी एफआईआर में शामिल किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।' पुलिस बोली- चश्‍मदीदों के बयान अलग-अलग इससे पहले अडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश ने कहा था, 'एसएचओ जामिया नगर ने अपनी टीम के साथ जाकर इलाके की तलाशी ली। वहां उन्‍हें गोली के खाली राउंड नहीं मिले। इसके अलावा, कथित हमलावर किस गाड़ी से आए थे इस पर लोगों के अलग-अलग बयान हैं। कुछ का कहना कि वे एक स्कूटर पर आए थे कुछ उसे फोर वीलर बता रहे थे। हम जांच करेंगे और तदनुसार कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।' 30 जनवरी को हुई फायरिंग में छात्र हुआ घायल इससे पहले 30 जनवरी को जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक नाबालिग ने फायरिंग की थी। इसमें पत्रकारिता का एक छात्र जख्‍मी हो गया था। घायल छात्र शादाब फारूक का एम्स में इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर है। जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक का कहना था कि उसने चंदन गुप्ता की हत्या का बदला लेने के लिए गोली चलाई थी। साल 2018 में कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर चंदन गुप्ता और उनके दोस्त ‘तिरंगा रैली’ निकाल रहे थे और रैली के लिए रास्ता खाली करने की बात पर विवाद खड़ा हो गया। इसी विवाद ने धीरे-धीरे हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें गोली चलने से 22 वर्षीय चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कासगंज में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था। नाबालिग पुलिस हिरासत में है। पढ़ें: के पास भी हुई फायरिंग इसके बाद 1 फरवरी शाहीन बाग में भी फायरिंग की घटना हुई। प्रदर्शन स्थल से कुछ ही दूरी पर कपिल गुज्‍ज्‍र नाम के एक शख्‍स ने हवाई फायरिंग की। आसपास के लोगों के पूछने पर उसने कहा, 'हमारे देश में और किसी की नहीं चलेगी, सिर्फ हिंदुओं की चलेगी।' फिलहाल वह पुलिस की हिरासत में है। वह नोएडा बॉर्डर के पास दल्लूपुरा इलाके का रहने वाला है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी का हुआ ट्रांसफर जामिया और शाहीन बाग की घटना के बाद दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर कर दिया गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर उन्हें हटाया गया है जिसका कहना है कि इलाके की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह फैसला किया गया है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के अंतर्गत ही जामिया यूनिवर्सिटी और शाहीन बाग इलाका आता है। पिछले दिनों जामिया यूनिवर्सिटी के बाहर और शाहीन बाग में फायरिंग हुई है।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/36UZoSB