नई दिल्ली के वुहान में फंसे भारतीयों को निकालने का मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण था। वहां से लोगों को प्लेन में लाने से पहले उनकी त्रिस्तरीय जांच करना किसी मुसीबत से कम नहीं थी। वुहान एयरपोर्ट पर कम स्टाफ, बोर्डिंग से पहले तीन स्तरीय स्वास्थ्य जांच जैसी चीजें इस अभियान को और मुश्किल बना रही थीं। के 'अजंता' और 'आगरा' विमान के साथ वुहान गए एक कर्मचारी ने इस मिशन के चुनौतीपूर्ण और डरावने दोनों अनुभव बताए। रविवार को एयर इंडिया का दूसरा विमान वुहान से 323 भारतीय और मालदीव के 7 लोगों को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा था। AI कर्मी ने बताया डरावना अनुभव दोनों विमान से वुहान गए एयर इंडिया के कर्माचारी संजय गुप्ता ने इस मिशन की जानकारी देते हुए कहा कि पहली उड़ान से वुहान जाना एक कयामत जैसा अहसास दे रहा था। हालांकि हम थोड़े उत्साहित भी थे। जिस दौरान हम वुहान जा रहे थे, उस समय एयर ट्रैफिक नहीं था। लैंडिंग के वक्त हमने देखा कि पार्किंग में खड़े विमान के इंजन को सील करके रखा गया है। यह डरावना था।' 25 साल पुराने थे दोनों विमान एयर इंडिया के अजंता और आगरा विमान 25 साल पुराने हैं। एयर इंडिया विमान के जरूरी पार्ट्स जैसे टायर वगैरह और इंजिनियर्स को भी साथ लेकर दिल्ली से लेकर गई थी ताकि किसी प्रकार की तकनीकी बाधा से निपटा जा सके। एयर इंडिया के निदेशक (ऑपरे शन) कैप्टन अमिताभ सिंह लोगों की घर वापसी की निगरानी करने के लिए दोनों विमानों के साथ गए थे। विमान पर लगातार रखी जा रही थी नजर दिल्ली स्थित एयरलाइस कंट्रोल सेंटर से उड़ान पर लगातार नजर रखी जा रही थी। वुहान एयरपोर्ट पर कर्माचरियों की कम संख्या और बोर्डिंग से पहले यात्रियों की तीन चरणों की जांच काफी जटिल था। एयर इंडिया के पहले विमान वुहान पर छह घंटे गुजारने पड़े थे जबकि दूसरे विमान को करीब 8 घंटे का वक्त देना पड़ा था। इसके बाद ही विमान दिल्ली के उड़ान भर सके थे। 'अजंता' और 'आगरा' ने कर दिया कमाल एयर इंडिया के इस दो जंबो जेट अजंता और आगरा का इस्तेमाल विशेष अभियानों के लिए किया जाता है। फिलहाल इन दोनों विमानों की सफाई की जा रही है और उसे वायरस फ्री करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। एयर इंडिया के इन दो विमानों से कुल 654 लोगों को वुहान से दिल्ली लाया गया। इनमें 647 भारतीय और 7 विदेशी हैं। अमिताभ सिंह ने बताया कि इन फ्लाइट्स में संक्रमण का खतरा हो सकता है। क्रू मेंबर्स को भी संक्रमण के खतरे से आगाह किया गया था। लेकिन वे बिना किसी देरी किए इस बड़े मिशन पर जाने को तैयार हो गए। इस मिशन पर गए सभी एयर इंडिया के कर्मचारियों को प्रॉटेक्शन सूट दिया गया था। 14 दिन निगरानी में रखे जाएंगे यात्री भारत पहुंचे सभी यात्रियों को अगले 14 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। उन्हें हरियाणा के मानेसर स्थित बनाए गए केंद्र में रखा जाएगा। अगर किसी में का संक्रमण पाया जाएगा तो उसे दिल्ली कैंट स्थित सेना के अस्पताल में भेजा जाएगा। 20 देशों में फैला वायरस, अबतक 360 मौतें चीन के वुहान से निकला यह वायरस अबतक 20 देशों में फैल चुका हैं। थाइलैंड, सिंगापुर, जापान, अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मकाउ, ताइवान, मलयेशिया जैसे कई देशों में इस बीमारी के मरीज मिले हैं। चीनी नागरिकों के साथ हो रहा भेदभाव करॉना वायरस के कारण अमेरिका और कई अन्य देशों में चीनी नागरिकों के साथ भेदभाव की खबरें भी आई हैं। चीन भी कई देशों से अपने नागिरकों को वापस बुला रहा है। इंडोनेशिया में एक होटल तक मार्च करते गए स्थानीय लोगों ने वहां मौजूद चीनी अतिथियों को जाने के लिए कहा। जापान के एक रेस्तरा ने चीन के लोगों को भोजन परोसने से इनकार कर दिया। (एजेंसियों के इनपुट के साथ)
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