पीड़ित का नाम रवि गुप्ता है जिसका कहना है कि उन दिनों उनकी सैलरी मात्र 7 हजार रुपये हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि अकाउंट कैसे खुला। रवि को शक है कि मामला मनी लॉन्ड्रिंग का हो सकता है जिसकी जांच होनी चाहिए।
from The Navbharattimes https://ift.tt/38bYthY