मुंबई महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए आंध्र प्रदेश के 'दिशा कानून' की तर्ज पर अब भी सख्त कानून लाने जा रही है। आंध्र प्रदेश की तर्ज पर रेप और गैंगरेप करने वाले को 21 दिन में फांसी के फंदे पर लटकाने का कानून महाराष्ट्र में भी बन सकता है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अजोय मेहता को आदेश दिया है कि आंध्र प्रदेश में बने इसी तरह के हालिया कानून का अध्ययन कर विस्तृत जानकारी मुहैया कराएं। बता दें कि आंध्र प्रदेश विधानसभा ने 13 दिसंबर को आंध्र प्रदेश दिशा विधेयक 2019 (आंध्र प्रदेश आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2019) पारित कर दिया है। इसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों का निपटारा 21 दिन के भीतर करने का नियम है और इसमें दोषी को फांसी की सजा भी दिए जाने का प्रावधान है। इस प्रस्तावित नए कानून का नाम ‘आंध्र प्रदेश दिशा अधिनियम आपराधिक कानून (आंध्र प्रदेश संशोधन) अधिनियम, 2019’ रखा गया है। अशासकीय विधेयक लाने की तैयारी आंध्र प्रदेश की तर्ज पर ही कानून बनाने की मांग को लेकर शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक विधानसभा में अशासकीय विधेयक इसी सत्र में ला रहे हैं। इस सबंध में सरनाईक ने सोमवार को विधानसभा सचिव को पत्र भी दे दिया। इस संबंध में सरनाईक ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार करने वाले की जांच पुलिस 7 दिन में पूरी करे और कोर्ट 14 दिन में अपनी प्रक्रिया पूरी करे। दिन-रात काम हो और 21 दिन में सजा सुनाई जाए। इससे अपराधियों में डर पैदा होगा और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाई जा सकेगी। पढ़ें: कुछ बदलाव भी हो सकता कानून में प्रताप सरनाईक ने आगे बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से खुद बात की। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को आदेश दिया कि आंध्र प्रदेश में बनाए गए कानून का अध्ययन करें, ताकि वैसा ही ठोस कानून महाराष्ट्र में बनाया जा सके। कानून में कुछ बदलाव करना है तो करें।
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