क्राइस्टचर्च: भारतीय टीम () की कप्तान का मानना है कि शेफाली वर्मा और रिचा घोष जैसी युवा खिलाड़ियों ने दिखाया है कि उनमें शीर्ष स्तर पर चुनौती पेश करने की क्षमता है। अगले महीने न्यूजीलैंड में () की शुरुआत हो रही है। भारत ने दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में कुछ नई प्रतिभाओं को आजमाया। विश्व कप चार मार्च से शुरू होगा। कप्तानों की मीडिया कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मिताली () ने कहा, ‘हमने टीम में कुछ युवा प्रतिभाओं को आजमाया और उनमें से अधिकतर ने दिखाया कि उनमें इस स्तर पर खेलने की क्षमता है। इनमें रिचा, शेफाली जैसी खिलाड़ी शमिल हैं, हमारे पास तेज गेंदबाजों में मेघना सिंह, पूजा वस्त्रकार हैं। इन सभी को काफी मैच खेलने को मिले हैं और इन सीरीज से कप्तान के रूप में मुझे काफी मदद मिली कि वे टीम के संयोजन में कहां फिट बैठती हैं।’ अनुभवी बल्लेबाज मिताली ने कहा कि प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के मिश्रण की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास पिछले टूर्नामेंट से कुछ अनुभवी खिलाड़ी हैं जो कोर समूह का हिस्सा हैं। उनमें से अधिकतर, यहां तक कि हाल में टीम में जगह बनाने वाली युवा खिलाड़ियों को भी खेलने का मौका मिला है। यह उन्हें द्विपक्षीय सीरीज से अलग अनुभव देता है।’ मिताली ने कहा, ‘जब आप बड़ी प्रतियोगिताओं में उतरते हो तो सिर्फ युवा खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अनुभव पर भी निर्भर करते हो। दोनों को एक साथ लाना अच्छा मिश्रण है।’ रिकॉर्ड छठे आईसीसी विश्व कप में खेलने जा रही मिताली ने कहा कि वह अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखना चाहती हैं। भारतीय कप्तान ने कहा कि विश्व कप में पहली बार खेलने जा रही खिलाड़ियों को उन्होंने सलाह दी है कि वे दबाव नहीं लें और बड़े मंच पर खेलने का लुत्फ उठाएं। भारत विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत छह मार्च को पाकिस्तान के खिलाफ करेगा।
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