बीजिंगशीतकालीन ओलिंपिक में भाग लेने के लिए चीन आने वाले एथलीटों को वैक्सिन करने आवश्यकता होगी या उन्हें लंबे समय (21 दिन) तक क्वारंटीन रहना होगा। चार फरवरी से शुरू होने वाले शीतकालीन ओलिंपिक के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों और यहां आने आने वाले हर किसी को रोज कोरोना वायरस जांच से गुजरना होगा। खिलाड़ियों के प्रतिस्पर्धा या प्रशिक्षण के अलावा हमेशा मास्क का इस्तेमाल करना होगा। इस दौरान टीम के साथियों की हौसला अफजाई के लिए ताली बजने की छूट होगी लेकिन जोर से बोलकर या चिल्ला कर ऐसा करने की मनाही होगी। कोविड-19 जांच में पॉजिटिव आने वाले को क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा और बीमारी से उबरने के बाद मंजूरी मिलने तक वह प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ होगा। बीजिंग शीतकालीन ओलिंपिक के शुरू होने में अब कुछ ही सप्ताह बचे है और यहां का प्रोटोकॉल को तोक्यो ओलिंपिक से कड़ा है। कोरोना वायरस रोधी टीका लेने वाले एथलीटों, टीम के कर्मचारियों और समाचार मीडिया सहित अन्य प्रतिभागियों को 21 दिनों के क्वारंटीन पर नहीं जाना होगा। पूर्ण टीकाकरण वाले प्रतिभागी ओलिंपिक गांव, खेल स्थल, अन्य चुनिंदा स्थान और समर्पित परिवहन का इस्तेमाल कर पायेगे। चीन के लिए अपनी उड़ानों में सवार होने से पहले सभी को अनुमोदित प्रयोगशालाओं से हाल के कोविड-19 जांच की दो नेगेटिव रिपोर्ट भी देनी होगी। चीन पहुंचने के बाद सभी के शरीर का तापमान मापा जायेगा और जांच के लिए उनके नमूने लिये जायेंगे। जांच का नतीजा लगभग छह घंटे में आयेगा इस दौरान सभी एक अलग सुविधा में रुकना होगा। जांच नतीजे के नेगेटिव आने के बाद उन्हें खेल गांव स्थित उनके कमरों में ले जाया जायेगा। प्रशंसकों की मौजूदगी को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है लेकिन अगर उन्हें मंजूरी मिलती है जो यह सीमित संख्या में होगा और प्रशंसकों को भी हौसला अफजाई के लिए सिर्फ ताली बजाने की अनुमति होगी।
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