इंफाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इंफाल पहुंचे। यहां उन्होंने मणिपुर में 13 परियोजनाओं का उद्घाटन और नौ परियोजनाओं का शिलान्यास किया। 22 परियोजनाएं 4,800 करोड़ रुपये की हैं। यहां पीएम मोदी ने इशारों में कांग्रेस पर निशाना साधा। बताते चलें कि पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। 'पहले की सरकारें डोंट लुक ईस्ट कहती थीं' पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारें डोंट लुक ईस्ट... कहती थीं। पूर्वोत्तर की ओर तभी देखा जाता था, जब चुनाव होते थे। हिल और वैली के बीच राजनीति फायदे के लिए खाई खोदी, सिर्फ लॉकेट स्टेट बना दिया गया। याद रखें मणिपुर में कैसे अशांति फैलाई जाती थी। अब उग्रवाद और असुरक्षा की आग नहीं है। अब यहां सुरक्षा की रोशनी हैं। 'हिल वैली के बीच खोदी खाई' पीएम ने कहा कि जिन समझौतों का दशकों से इंतजार था, हमारी सरकारों ने ऐतिहासिक समझौते किए। हमने लॉकेट सरकार से ट्रेड सरकार बनाया। हिल और वैली के बीच खोदी गई खाई को पाटने के लिए गो टू हिल और गो टू विलेज अभियान चलाए। 'कुछ लोग ढूंढ रहे मौका' कुछ लोग सत्ता हासिल करने के लिए मणिपुर को फिर अस्थिर करना चाहते हैं। ये लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब उन्हें मौका मिले और कब वह अशांति का खेल खेलें। मणिपुर के लोग ऐसे लोगों को पहचान चुके हैं। अब यहां के लोग मणिपुर का विकास नहीं रुकने देंगे। फिर से मणिपुर को अंधेरे में नहीं धकेलेंगे। 'पहले की सरकारों ने गंवाया समय' आज देश सबका प्रयास की भावना से काम कर रहा है। सबके साथ, सबके लिए काम कर रहा है। पहले की सरकारों ने बहुत समय गंवा दिया। अब हमें एक भी पल नहीं गंवाना है। हमें मणिपुर में स्थिरता भी रखनी है और विकास की नईं ऊंचाइयों तक भी पहुंचाना है। यह सिर्फ डबल इंजन की सरकार ही कर सकती है। मणिपुर इसी तरह डबल इंजन की सरकार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखेगा। पीएम ने कहा कि कुछ दिन बाद 21 जनवरी को मणिपुर को राज्य का दर्जा मिले 50 साल पूरे हो जाएंगे। देश इस समय अपनी आजादी के 75 साल का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह समय अपने आप में बहुत बड़ी प्रेरणा है। मोदी ने कहा कि जहां नेताजी सुभाष की सेना ने पहली बार झंडा फहराया, जिस नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की स्वतन्त्रता का प्रवेश द्वार कहा, वो नए भारत के सपने पूरे करने का प्रवेश द्वार बन रहा है। 'सपने पूरे करने का प्रवेश द्वार' प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों में आजादी का जो विश्वास, यहां मोइरांग की धरती ने पैदा किया वो अपने आप में एक मिसाल है। जहां नेताजी सुभाष की सेना ने पहली बार झंडा फहराया, जिस नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की स्वतन्त्रता का प्रवेश द्वार कहा, वो नए भारत के सपने पूरे करने का प्रवेश द्वार बन रहा है। '6 से 60 प्रतिशत घरों में पाइप लाइन से पानी' मोदी ने कहा कि देश का पूर्वी हिस्सा भारत के विकास का प्रमुख श्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि पहली की सरकारों के कार्यकाल में केवल छह प्रतिशत लोगों के घर को पाइप से पानी मिलता था। अब जल जीवन मिशन से 60 फीसदी घरों में पाइप से पानी पहुंच रहा है। जल्द ही यह 100 प्रतिशत हो जाएगा। यही डबल इंजन की सरकार का फायदा है। यही डबल इंजन की सरकार की ताकत है। 'मणिपुर को उसके हाल पर छोड़ दिया गया' पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने मणिपुर को अपने हालों पर छोड़ दिया था। दिल्ली वाले सोचते थे कि कौन इतनी दूर जाए, कौन समस्या उठाए। जब अपनों से दूरी रहेगी तो मैं पूरी दिल्ली को आपके दरबार में लेके आ गया। मैंने कहा यहां आइए, यहां की जरूरतों के मुताबिक योजनाएं बनाइए। भावना यह थी कि आपका सेवक बनकर जितना हो सके आपके लिए मणिपुर के लिए, नॉर्थ ईस्ट के लिए संपूर्ण सेवाभाव से काम करना है। आपने देखा है कि आज केंद्रीय मंत्री मंडल में नॉर्थ ईस्ट के पांच प्रमुख चेहरे, देश के अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं। सरकार की सात वर्षों की मेहनत नॉर्थ ईस्ट में और मणिपुर में दिख रही है। मणिपुर की संस्कृति के लिए यह बदलाव किए गए हैं। पहले जिसे माउंड हेरिएट कहते थे लेकिन अंडमान निकोबार में स्थित इस जगह का नाम माउंट मणिपुर रखा। पूर्वोत्तर आना चाहते थे लेकिन यहां कनेक्टिविटी न होने से नहीं आते थे। पर्यटन को बहुत नुकसान होता था। मणिपुर का नुकसान होता था। अब पूर्वोत्तर के गांवों तक पहुंचना आसान है। बड़े स्तर पर नैशनल हाइवे बन रहे हैं।
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