नई दिल्ली दिल्ली प्रदूषण की मार झेल रही है। साल दर साल प्रदूषण को लेकर राजनीतिक तौर पर आरोप प्रत्यारोप चल रहे हैं। प्रदूषण की एक बढ़ी वजह पराली जलाने को बताया गया है। दिल्ली में पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए सरकार से लेकर देश के बड़े उद्योगपति भी सामने आए हैं। दिल्ली सरकार ने जहां बायो-डी कंपोजर घोल निर्माण केंद्र की शुरुआत की है वहीं अब महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस मसले पर सामने आए हैं। आनंद महिंद्रा ने अर्बन फॉर्म्स कंपनी के बारे में ट्वीट किया है। इसमें कहा गया है कि पराली दिक्कत नहीं बल्कि किसानों के लिए एक कीमती कमोडिटी हो सकती है। इसे जलाने के बजाय इसकी खाद बन सकती है जो मिट्टी के लिए बहुत अच्छी होगी। अबर्न फार्म्स कंपनी ने दिल्ली के बाहरी इलाके पाला में रीजनरेटिव फार्मिंग का हब बनाया है। कहा जा रहा है कि पराली से बने खाद से जो फल, सब्जियां उगती है वह केमिकल फ्री होती हैं साथ ही इनमें न्यूट्रिशन भी ज्यादा होता है। इन सब्जियों में विटामिन, न्यूट्रिएंट्स ज्यादा होने की वजह से यह स्वास्थ्य के लिए तो अच्छी है और दिखने में बेहतर हैं साथ ही स्वाद में भी बेहतर हैं। कई रिसर्च में यह सामने आया है कि केमिकल फर्टिलाइजर्स की बजाय केमिकल फ्री फर्टिलाइजर्स में उगी फल-सब्जियां सेहत के लिए अच्छी होती हैं। दिल्ली के पाला में किसानों को ट्रेनिंग और कोचिंग भी दी जा रही है ताकि वह पराली को जलाएं नहीं और इसकी खाद बनाएं और इस खाद का इस्तेमाल खेती में करें। किसानों को मार्केट रेट से ज्यादा में उनका उत्पाद खरीदने की गारंटी भी दी जा रही है।
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