कोच के निधन से टूट चुके हैं ऋषभ पंत, सदमें में भारतीय क्रिकेट

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को क्रिकेट का ककहरा सीखाने वाले द्रोणाचार्य अवार्डी (Tarak Sinha) का शनिवार तड़के 3 बजे देहांत हो गया। 71 वर्षीय 'उस्ताद जी' लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना भी बंद कर दिया था। सिन्हा () ने पंत के अलावा सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (Shikhar Dhawan), पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) , पूर्व पेसर आशीष नेहरा, अतुल वासन और महिला टीम की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा जैसे इंटरनैशनल स्टार खिलाड़ी दिए। तारक सिन्हा का जाना भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट सदमे में है। कोच के निधन पर पंत ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर कोच के साथ फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, ' मेरे गुरु, कोच, प्रेरक, मेरे सबसे बड़े आलोचक और मेरे सबसे बड़े प्रशंसक। आपने बेटे की तरह मेरा ध्यान रखा। मैं टूट चुका हूं। जब भी मैं फील्ड पर जाउंगा, आप हमेशा मेरे साथ रहेंगे। मेरी गहरी संवेदना और प्रार्थना। आपकी आत्मा को शांति मिले तारक सर।' आकाश चोपड़ा, नेहरा और अंजुम ने भी अपने कोच के निधन पर शोक व्यक्त किया है। । द्रोणाचार्य अवार्डी सिन्हा चार दशकों से अधिक समय से क्रिकेटरों को कोचिंग दे रहे थे। सुरिंदर खन्ना से लेकर ऋषभ पंत और अंजुम चोपड़ा से लेकर रुमेली धर तक को सिन्हा ने उच्च कोचिंग देने की कोशिश की और भारत के लिए उन्हें तैयार किया। तारक देश प्रेम आजाद, गुरचरण सिंह, रमाकांत आचरेकर और सुनीता शर्मा के बाद द्रोणाचार्य पुरस्कार पाने वाले पांचवें क्रिकेट कोच थे।


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