नई दिल्ली पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनकारी किसान बैठे हैं। बॉर्डर कब खुलेंगे, इसे लेकर कुछ साफ नहीं है। हालांकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उम्मीद है कि जल्द ही सीमाएं खुल जाएंगे। उन्होंने शनिवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद यह बात कही। खट्टर ने कहा कि सिंघु और टीकरी बॉर्डर खोलने को लेकर उन्होंने शाह को ब्रीफ किया है। खट्टर ने कहा, 'हमारे यहां रास्ता खोलने का विषय सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ है उस पर, ऐलनाबाद के चुनाव और किसान आंदोलन पर बात हुई। हमने अपील की है कि वो लोग(किसान) शांतिपूर्वक आंदोलन चलाएं, गृह मंत्री ने कहा है कि ये ही अपील रखनी चाहिए कि शांतिपूर्वक आंदोलन करें, हमें कोई आपत्ति नहीं है।' किसान संगठनों का आंदोलन तेजदूसरी तरफ, किसान संगठनों के रुख में और सख्ती आ गई है। लखीमपुर कांड को लेकर उनका आक्रोश चरम पर है। इस महीने कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुरुआत 12 अक्टूबर को लखीमपुर में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास से की जाएगी। लखीमपुर से यूपी के हर शहर और राज्य के लिए अस्थि कलश यात्रा होगी। किसानों की अस्थियां हर राज्य में ले जाई जाएंगी फिर उनका विसर्जन होगा। 15 अक्टूबर को दशहरे के दिन प्रधानामंत्री और गृह मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। 18 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन होगा। इसके बाद 26 अक्टूबर को लखनऊ में एक महापंचायत बुलाई गई है। हरियाणा के सीएम ने किसानों पर दिया बयान वापस लिया, माफी मांगीहरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों किसानों के संबंध में दिए बयान को वापस लेते हुए किसानों से माफी मांग ली है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की है कि वह इस मामले को तूल देकर राजनीतिक रोटियां सेकने का काम न करें। सीएम मनोहर लाल ने पिछले दिनों बीजेपी किसान मोर्चा की बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को लट्ठ उठाने की सलाह दी थी। मुख्यमंत्री का एक विडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह बोल रहे थे कि अब जैसे को तैसा वाला समय आ गया है। वह अगर लट्ठ उठाते हैं तो आप भी लट्ठ उठा लें। दो-चार महीने जेल रहेंगे तो नेता बनकर निकलेंगे।
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