सचिन तेंडुलकर का इंटरव्यू: लॉर्ड्स फतह के बाद टीम इंडिया को दिया सीरीज जीतने का दिया गुरुमंत्र

नई दिल्ली महान भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ने टीम इंडिया को बधाई दी है। लॉर्डस पर एक वक्त हार का खतरा मंडरा रहा था। ड्रॉ हो जाना ही किसी जीत से कम नहीं था, लेकिन विराट सेना ने कमाल कर दिया। असल मायनों में यह मैच भारतीय पेसर्स के नाम रहा। बल्ले से पहले शमी-बुमराह ने चमत्कार किया फिर गेंदबाजी में दोनों को सिराज और ईशांत का साथ मिल गया। 151 रन से भारत ने मैच अपने नाम किया। क्या पारी जल्दी घोषित करनी चाहिए थी? हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से सचिन तेंदुलकर ने खास बातचीत की। वीडियो रिकॉर्ड कर सवालों के जवाब भेजे। कप्तान कोहली की जमकर तारीफ की। अब जरा जानिए क्या भारतीय टीम को अपनी दूसरी पारी जल्दी घोषित कर देनी चाहिए थी के जवाब में सचिन ने क्या कहा? बकौल तेंडुलकर, 'हां ऐसा किया जा सकता था। अगर मैं कप्तान होता तो उन्हें जरूर लंच से पहले कुछ ओवर बल्लेबाजी करवाता। इससे उन्हें दिक्कत होती, लेकिन विराट के पास अलग प्लान था।' मजाकिया लहजे में सचिन ने फिर इंग्लिश ओपनर्स के मजे भी ले लिए कि ऊपर-नीचे जाकर थोड़ा सांस चढ़ गया था, दोनों जीरो पर आउट हुए। क्या राहुल वाकई मैन ऑफ द मैच के हकदार थे?किस्मत से प्लेइंग इलेवन में शामिल हुए केएल राहुल ने पहली पारी में शानदार शतक ठोका था। इस ओपनर को मैन ऑफ द मैच से नवाजे के सवाल पर सचिन कहते हैं, 'मुझे लगा कि केएल राहुल ने शानदार बल्लेबाजी की, वह शानदार थे, लेकिन सिराज की भूमिका उतनी ही अहम थी, एक मैच में आठ विकेट हासिल करना, और आखिरी दिन चार विकेट चटकाना बेहद महत्वपूर्ण था। वे दोनों भारतीय हैं, मैं कहूंगा पुरस्कार हर हाल में हमारे पास रहना चाहिए, यही मायने रखता है। पुछल्ले बल्लेबाजों ने विकेट नहीं फेंकासचिन कहते हैं कि दोनों टेस्ट मैच में हमारे टेलेंडर्स ने अच्छी बल्लेबाजी की। पहले टेस्ट मैच में, जडेजा थे और अगर आपको याद हो, तो मैंने एक ट्वीट भी किया था जिसमें कहा था कि बुमराह ने अपने जीवन का बेस्ट शॉट खेला है जब उन्होंने सैम करन को स्क्वैयर लेग पर छक्का लगाया था। पांचवें दिन आखिरी उम्मीद ऋषभ पंत ही थे। उनके आउट होते ही ईशांत शर्मा भी चलते बने। तब लग रहा था कि भारत को बेहद शर्मनाक हार मिलने वाली है, लेकिन वहां से शमी ने टेस्ट में अपना सर्वोच्च स्कोर (नाबाद 56 रन) बनाया। जसप्रीत बुमराह ने भी नाबाद 34 रन की पारी खेली। दोनों के बीच नौंवें विकेट के लिए रेकॉर्ड 89 रन की पार्टनरशिप हुई। भारत ने लंच के बाद अपनी दूसरी पारी 298/8 रन पर घोषित की। भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने मैच पलट दिया था। दबाव पूरा इंग्लैंड पर आ गया। 60 ओवर्स में उन्हें जीत के लिए 272 रन बनाने थे। भारत के पास दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पेस अटैकबुमराह, शमी, ईशांत और सिराज की चौकड़ी ने अंग्रेजी बल्लेबाजों की बैंड बजा दी। उमेश यादव भी बेंच पर बैठे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। तेंडुलकर ने इस बदले आक्रमण का क्रेडिट आईपीएल को दिया है। उन्होंने आईपीएल को एक ऐसी टैलेंट की खान बताया, जहां से कई युवा कोहिनूर निकल रहे। हर कोई अपनी डाइट, फिटनेस को लेकर सजग है, कड़ी ट्रेनिंग और मेहनत का नतीजा मैदान पर नजर आ रहा है। इस एनर्जी में कोचिंग स्टाफ का भी अहम रोल है। जिस तरह विदेशों में जाकर हमारे तेज गेंदबाज गदर मचा रहे हैं, मास्टर-ब्लास्टर ने इस पेस बोलिंग अटैक को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बताया। भारतीय टीम को दिया अहम संदेश मुझे पता है कि विरोधी पलटवार करने को बेकरार होंगे, लेकिन अगर हम अपने प्लान पर अड़े रहे और उसके मुताबिक ही खेलते रहे तो दिक्कत नहीं होगी। कहते हैं न कि जोश अच्छा था मगर जोश के साथ होश होता है तो रिजल्ट और भी अच्छे लगते हैं। सीरीज के अगले तीन मैच में भारतीय गेंदबाजों को रूट का हल निकालना होगा। अगर इंग्लिश कप्तान जल्दी आउट हो जाते हैं तो भारत क्लीन स्विप भी कर सकता है। मौजूदा श्रृंखला में रूट 128.6 की खतरनाक औसत से 386 रन बना चुके हैं। दो शतक और एक फिफ्टी के साथ 180 नाबाद उनका बेस्ट स्कोर है। केएल राहुल 244 रन बनाकर उनसे पीछे हैं।


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