जब सानिया मिर्जा से पूछा गया रिटायरमेंट प्लान, टेनिस स्टार ने दिया ऐसा जवाब

नई दिल्लीओलिंपिक में एक गोल्ड मेडल के लिए भारतीय टेनिस सितारों का संघर्ष जारी है। 1996 में अनुभवी लिएंडर पेस टेनिस के सिंगल्स में पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। 25 साल पहले पुरुष एकल में उनकी कांस्य पदक जीत के बाद भारत मेडल के लिए तरस गया है। इस बार सानिया मिर्जा और उनकी महिला युगल जोड़ीदार अंकित रैना से मेडल की उम्मीद है। अपने चौथे ओलिंपिक में भाग ले रहीं टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने तोक्यो खेलों से पहले 'टाइम्स नाउ' से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि रियो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में मिली हार दिल तोड़ने वाली थी। सानिया और रोहन बोपना चेक गणराज्य के खिलाफ कांस्य पदक मैच हार गए थे। उन्होंने कहा- पिछली बार ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में मिली हार दिल दहला देने वाला था। हम सेमीफाइनल में स्वर्ण पदक की दौड़ में थे, लेकिन हार गए। इसके अगले दिन ब्रॉन्ज मेडल का मुकाबला था। इतना जल्दी खुद को तैयार कर पाना मुश्किल था। संन्यास पर सवाल करने पर उन्होंने कहा- मैं ईमानदारी से कहूं तो नहीं जानती। मैं इसे छोड़ने की योजना नहीं बना रहा हूं, लेकिन तथ्य यह है कि 34 किसी भी अन्य करियर में बहुत छोटा है, लेकिन एक ऐथलीट के रूप में ऐसा नहीं है। मैं एक बहुत यथार्थवादी व्यक्ति हूं, मैं बादलों में नहीं रहती। तथ्य यह है कि मैं 34 वर्ष की हूं और मुझे नहीं पता कि मेरा करियर कितना लंबा है। उन्होंने आगे कहा- हर सुबह मैं उठती हूं। मुझे दर्द होता है कि मुझे नहीं पता था कि मेरे पास दूसरे दिन भी हैं। मेरी तीन सर्जरी हुई हैं और एक बच्चा। इसलिए मुझे अपने खेल में शीर्ष पर खेलने के लिए 100 प्रतिशत फिट होना चाहिए। मैं टेनिस कहने के लिए नहीं खेलना चाहती। इसके साथ ही उन्होंने पीवी सिंधु और विनेश फोगाट को पदक की उम्मीद बताया है।


from Sports News in Hindi: Latest Hindi News on Cricket, Football, Tennis, Hockey & more | Navbharat Times https://ift.tt/36FMJFN