नई दिल्लीइंग्लैंड के पूर्व बैट्समैन केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) 100 गेंदों में वाले क्रिकेट फॉर्मेट के बहाने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड पर धावा बोला है। उन्होंने कहा कि अगर द हंड्रेड की पहले ही शुरुआत हो जाती तो इंग्लैंड आज वाइट बॉल क्रिकेट की सबसे कमाल की टीम होती। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह खेलते थे तब आईपीएल में सिर्फ 3 या 4 इंग्लिश क्रिकेटर ही खेलते थे और उन्हें प्रमुख टीम से बाहर कर दिया जाता था। 2015 का वर्ल्ड कप रहा खराबइंग्लैंड के पूर्व बैट्समैन केविन पीटरसन का ऐसा कहना है कि साल 2015 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड क्रिकेट टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इंग्लैंड टीम को पकिस्तान , श्रीलंका, बंग्लादेश, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया टीम से हार का सामना करना पड़ा। वह वर्ल्ड कप टीम के लिए इतना खराब था कि टीम ग्रुप स्टेज को भी पार नहीं कर सकी और वर्ल्ड कप से बाहर हो गई। मोर्गन की कप्तानी में बदला टीम का तेवरउन्होंने इयोन मोर्गन का जिक्र करते हुए कहा- जब से इयोन ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम की कमान संभाली है। तभी से इंग्लैंड क्रिकेट टीम काफी ज्यादा आक्रामक हो गई है। जिसके चलते उन्होंने 2019 के वर्ल्ड कप में अपना कमाल दिखाया और 2019 का वो वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया। भारतीय खिलाड़ीयों को भी शामिल किया जाए द हंड्रेड में केविन पीटरसन चाहते है कि इंग्लैंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ( ECB ) और बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया ( BCCI ) मिलकर कुछ रास्ता निकाले ताकि भविष्य में भारतीय खिलाड़ी भी द हंड्रेड का हिस्सा बन सके। हालाँकि भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने द हंड्रेड में खेलने की इच्छा जताई है। लेकिन BCCI के रूल के मुताबिक कोई पुरुष खिलाड़ी अगर भारतीय टीम या फिर डोमेस्टिक लीग में खेलता है तो उसे विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं है।
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