नई दिल्ली बेल्जियम की 18 वर्षीय महिला वेटलिफ्टर नीना स्टेरक्स () ने तोक्यो ओलिंपिक 2020 (Tokyo Olympics) के पहले दिन दिल जीत लिया। नीना तोक्यो में शनिवार को 49 किलोग्राम ग्रुप ए वर्ग में उतरी थीं। हालांकि वह पदक तो नहीं जीत सकीं लेकिन आखिरी प्रयास में जिस तरह से उन्होंने अपना जज्बा दिखाया उसे सभी सलाम कर रहे हैं। 2021 यूरोपियन चैंपियनशिप के जरिए तोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली नीना का मुकाबला भारत की मीराबाई चानू, चीन की होऊ जिहुई और इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका से था। नीना ने 82 और 99 किलोग्राम वजन आसानी से उठा लिया और वह ओवरऑल 5वें स्थान पर रहीं। नीना के नाम कई वर्ल्ड रेकॉर्ड और ओलिंपिक रेकॉर्ड दर्ज हैं। हालांकि वह अपने आखिरी प्रयास में वजन उठाने में विफल रहीं। नीना 101 किलोग्राम वजन नहीं उठा सकीं। इसके बाद उनके आंखों से आंसू छलक पड़े। इस दौरान उन्होंने आसानी से हार नहीं मानी बल्कि आखिरी समय तक वह कोशिश करती रहीं लेकिन वह वजन उठाने में असफल रहीं। नीना को ड्रेसिंगरूम में भी रोते हुए देखा गया जहां उनके कोच और सपोर्ट स्टाफ उन्हें दिलासा देते हुए नजर आए। इस प्रतिभावान वेटलिफ्टर का ये वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नीना बेल्जियम की युवाओं की रोल मॉडल हैं। फैंस ने नीना को अपना नया फेवरिट एथलीट बताया। छोटे से करियर में कई मुकाम हासिल की 18 साल के करियर में नीना ने कई उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। आगामी 2024 और 2008 ओलिंपिक में नीना से बहुत उम्मीदें होंगी। 2024 का ओलिंपिक पेरिस में जबकि 2028 का ओलिंपिक लास एंजेलिस में होना है। किस्मत का साथ मिला तो नीना को ब्रिसबेन 2032 ओलिंपिक में भी हम देख सकते हैं। नीना ने जूनियर वल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता है। तोक्यो में उनसे पदक की उम्मीद थी। होऊ जिहुई ने जीता गोल्ड इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल चीन की होऊ जिहुई ने 210 किग्रा (94 किग्रा +116 किग्रा) के प्रयास से जीता जबकि भारत की 26 साल की भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कुल 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) के प्रयास से रजत पदक अपने नाम किया। इंडोनेशिया की ऐसाह विंडी कांटिका ने 194 किग्रा (84 किग्रा +110 किग्रा) के प्रयास से कांस्य पदक जीता।
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