WTC फाइनल में कोहली एंड कंपनी का रहेगा दबदबा, प्रसाद ने बताई ये वजह

नई दिल्ली भारत के पूर्व पेसर वेंकटेश प्रसाद का मानना है कि वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) फाइनल के लिए भारतीय टीम के पास विकल्प की कमी नहीं है। प्रसाद का कहना है कि उनके खेल के दिनों से अलग, मौजूदा भारतीय टीम के पास तीसरा या चौथा तेज गेंदबाज उस स्तर का है जो नई गेंद से बनाए गए दबाब को बरकरार रख सकता है। उन्हें लगता है कि टीम के पास हर परिस्थिति में लगभग 350 रन बनाने की क्षमता वाली बल्लेबाजी इकाई भी है। प्रसाद ने कहा, 'दो बेहतरीन टीमें फाइनल खेल रही हैं। भारत के पास बहुत सारे विकल्प हैं क्योंकि उसके अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाने वाले खिलाड़ी भी बहुत मजबूत है।' उन्होंने कहा, 'पिच चाहे बल्लेबाजी के लिए आसान हो या तेज गेंदबाजों की मददगार हो, भारतीय टीम के पास दबदबा बनाने की क्षमता है। नब्बे के दशक और 2000 के दशक की शुरूआत में टीम के पास दो अच्छे तेज गेंदबाज होते थे लेकिन तीसरा या चौथा विकल्प उतना मजबूत नहीं होता था। अब टीम में वह ताकत है और कुछ बहुत अच्छे ऑलराउंडर हैं। हमारे पास हमेशा विश्व स्तरीय स्पिनर रहे हैं लेकिन अब हमारे पास विश्व स्तरीय तेज आक्रमण भी है।' प्रसाद ने अपने सुनहरे दिनों में पूर्व दिग्गज जवागल श्रीनाथ के साथ नई गेंद से गेंदबाजी के लिए जोड़ी बनाई थी। प्रसाद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मैच में भारत का दबदबा रहेगा। भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाजी कोच रहे प्रसाद ने कहा, 'इसके साथ ही हमारे पास स्कोर बोर्ड पर 350 रनों बनाने वाली बल्लेबाजी भी है। अब हमने हर खामियों को दूर कर लिया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह किस तरह की पिच होगी। वहां हर तरह से भारत का दबदबा होना चाहिए।' न्यूजीलैंड ने भी मेजबान इंग्लैंड को दो मैचों की श्रृंखला के दूसरे टेस्ट में हराकर शानदार लय में होने का सबूत दिया। इंग्लैंड की सरजमीं पर 22 साल के बाद टीम ने टेस्ट श्रृंखला में जीत दर्ज की। 'कप्तान विराट कोहली के लिए ज्यादा मुश्किल फैसला नहीं होगा' भारतीय टीम के अंतिम एकादश के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा यह कप्तान विराट कोहली के लिए ज्यादा मुश्किल फैसला नहीं होगा। वह खुद चाहेंगे की दो स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा के साथ तीन तेज गेंदबाज इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह इस मैच में खेले। उन्होंने कहा, 'अश्विन और जडेजा के साथ तीन तेज गेंदबाजों का संयोजन सबसे अच्छा लगता हैं। बुमराह, शमी और इशांत शर्मा को अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है, वे अपनी भूमिकाएं बखूबी जानते हैं। रणनीति बहुत सरल है। नई गेंद का बेहतर उपयोग कौन कर सकता है? बुमराह और शमी दोनों का सीम के साथ सही दिशा में गेंदबाजी करने के मामले में बहुत अच्छा नियंत्रण है। मुझे आश्चर्य है कि इशांत को 100 टेस्ट खेलने के बाद भी गेंदबाजी में तीसरे विकल्प के तौर पर देखे जा रहे है। उन्हें इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने का भी काफी अनुभव है।' भारत के लिए 33 टेस्ट और 161 एकदिवसीय खेलने वाले इस पूर्व खिलाड़ी का मानना है कि इंग्लैंड में दो टेस्ट मैच खेलने के कारण न्यूजीलैंड की टीम बेहतर स्थिति में है लेकिन भारतीय टीम को तैयारी करने का पूरा मौका मिला है।


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