तिरुवनंतपुरम वेटिकन ने फ्रांसिस्कन क्लेरिस्ट कॉन्ग्रेगेशन (FCC) से बर्खास्त नन लूसी कलप्पुरा की एक और अपील खारिज कर दी है। दरअसल सिस्टर लूसी ने एफसीसी के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। एफसीसी ने नन की जीवनशैली को लेकर आपत्ति जताते हुए निष्कासित कर दिया था। रेप मामले में अभियुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली ननों में से एक भी शामिल थीं। चर्च के एक आंतरिक पत्र के मुताबिक कैथोलिक चर्च के शीर्ष न्यायिक प्राधिकार ‘एपोस्टेलिका सिग्नेचरा’ ने एक सदी पुराने कॉन्ग्रेगेशन से बर्खास्त किए जाने के खिलाफ नन की तीसरी अपील भी खारिज कर दी। कॉन्ग्रेगेशन के पत्र में कहा गया, ‘लूसी कलप्पुरा की अपील एपोस्टेलिका सिग्नेचरा ने खारिज कर दी और उनकी बर्खास्तगी की पुष्टि की जाती है।’ फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग की थी चर्च के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि वेटिकन ने नन की एक और अपील खारिज कर दी। हालांकि, कलप्पुरा ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि उनकी अपील पर सुनवाई हुई और मौजूदा घटनाक्रम उनके प्रति नाइंसाफी है। कलप्पुरा ने ‘मिशनरीज ऑफ जीसस कॉन्ग्रेगेशन’ से जुड़ी ननों की ओर से बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। मुलक्कल पर एक नन से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। कॉन्ग्रेगेशन ने नन पर लगाया था उल्लंघन का आरोप कॉन्ग्रेगेशन ने अपने नोटिस में सिस्टर लूसी पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना ड्राइविंग लाइसेंस रखने, कर्ज लेकर कार खरीदने, एक किताब का प्रकाशन कराने और बिना अनुमति धन खर्च करने को नियमों का उल्लंघन बताया और वेटिकन ने इस फैसले को मंजूर किया था। नन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा।
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