न्यूजीलैंड की इंग्लैंड पर जीत से क्यों बढ़ी कोहली ऐंड टीम की टेंशन? 4 पॉइंट में समझें

नई दिल्लीन्यूजीलैंड की मेजबान इंग्लैंड (New Zealand beats England) पर धांसू जीत के साथ ही आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप () के खिताबी मुकाबले का बिगुल फुंक गया है। पूरी दुनिया की नजरें इस ऐतिहासिक मुकाबले पर गड़ी हुई हैं। टीम इंडिया भी इंग्लैंड पहुंचकर अपनी तैयारियों में लग गई है, लेकिन जिस अंदाज में कीवियों ने इंग्लैंड का बोरिया-बिस्तर गोल किया उसे देखते हुए टीम इंडिया की टेंशन बढ़ गई होगी। सीरीज से पहले इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने न्यूजीलैंड पर एकतरफा जीत की इच्छा जताई थी, लेकिन वह और उनकी टीम दोनों ही मैचों में पूरी तरह फ्लॉप नजर आए। पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड ने 5वें दिन पारी घोषित करके इंग्लैंड को चुनौती दी थी, लेकिन मैच ड्रॉ रहा था। अब दूसरे टेस्ट में उसने चौथे दिन के पहले ही सत्र में इंग्लैंड को 8 विकेट से हरा दिया। कीवी समझ चुके हैं इंग्लैंड की कंडीशनजिस अंदाज में न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया है उससे कहा जा सकता है कि वे इंग्लैंड की कंडीशन को बहुत बढ़िया तरीके से समझ चुके हैं। बल्लेबाजों ने जहां दोनों मैचों की एक-एक पारी में 350+ का स्कोर किया, जबकि गेंदबाजों ने दोनों ही मैच में इंग्लैंड को डॉमिनेट किया। ऐसे में भारतीय टीम बिना प्रैक्टिस मैच के WTC फाइनल में उतरेगी तो उसके लिए न्यूजीलैंड का लोहा लेना आसान नहीं होगा। बढ़े हुए हौसले के साथ उतरेंगे कीवीपहले टेस्ट में भी न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को लगभग हरा ही दिया था और दूसरे मैच में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए सीरीज अपने नाम कर लिया। ऐसे में उसके हौसले बुलंद हैं। जब वह WTC के फाइनल में भारत के खिलाफ उतरेगी तो मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव विराट कोहली ऐंड टीम पर होगा। कप्तान के बगैर जीत दर्शाती है टीम की मजबूतीइंग्लैंड की दूसरे टेस्ट में हार इसलिए भी शर्मनाक है, क्योंकि कीवी टीम के प्रमुख बल्लेबाज और नियमित कप्तान केन विलियमसन इस मैच का हिस्सा नहीं थे। वह कोहनी की चोट के कारण दूसरे टेस्ट से बाहर गए थे। ऐसे में जो रूट से कहीं कम अनुभवी टॉम लाथम ने कप्तानी का जिम्मा उठाया और टीम को जीत दिला दी। इससे पता चलता है कि न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की सोच सही दिशा में है और वह एक टीम के रूप में मजबूत हैं। तेज गेंदबाजों का निकालना होगा तोड़सीरीज के पहले टेस्ट में टिम साउथ और काइल जैमिसन ने मोर्चा संभाला था और पहली पारी में दोनों ने 7 विकेट झटकते हुए इंग्लैंड के हौसले पस्त कर दिए थे। इसके बाद दूसरे टेस्ट में ट्रेंट बोल्ट, मैट हेनरी और नील वैगनर का जलवा देखने को मिला। देखा जाए तो न्यूजीलैंड ने जिस भी तेज गेंदबाज को गेंद पकड़ाई उसने विकेट झटके। अगर WTC के फाइनल में भारत को न्यूजीलैंड को हराना है तो उसके तेज गेंदबाजों का तोड़ निकालना ही होगी। यह अलग बात है कि भारतीय तरकश में भी कप्तान विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और ऋषभ पंत जैसे धुरंधर बल्लेबाज हैं, जो किसी भी गेंदबाजी लाइन-अप की धज्जियां उड़ाने में सक्षम हैं।


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