नई दिल्ली पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा इन दिनों भारत को लेकर एक के बाद एक बयान दे रहे हैं। हालिया बयान भारत- पाकिस्तान संबंध को लेकर एक कदम आगे बढ़कर है। बाजवा ने कहा कि यह भारत और पाकिस्तान के लिए अतीत को भूलने और आगे बढ़ने का समय है। बाजवा जो इसके पहले तक भारत के खिलाफ जहर उगलते थे अचानक पिछले कुछ समय से उनके सुर बदले हैं। जनरल बाजवा ने कहा कि पूर्व और पश्चिम एशिया के बीच संपर्क सुनिश्चित करके दक्षिण और मध्य एशिया की क्षमता को खोलने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच शांति का माहौल होना बहुत आवश्यक है। बाजवा ने कहा कि हमारे पड़ोसी को विशेष रूप से कश्मीर में एक अनुकूल वातावरण बनाना होगा। पाकिस्तान के हुक्मरानों के सुर बदले नजर आ रहे हैं। पहले वहां के पीएम इमरान खान और उसके बाद आर्मी चीफ बाजवा के इस तरह के बयान। दोनों भारत के साथ दोस्ती की बात कर रहे हैं। हर मुद्दे पर बातचीत की बात कर रहे हैं।पूर्व में अधिकांश मौकों पर देखा गया है कि वहां के आर्मी चीफ भारत के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं। खुद बाजवा का कार्यकाल भी भारत के तेवर को देखकर बढ़ाया गया था। भारत के फैसले के बाद बढ़ा बाजवा का कार्यकाल जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत सरकार के फैसले के बाद से पाकिस्तान को यह चिंता सताने लगी कि कहीं उसे अपने कब्जे वाले कश्मीर से भी हाथ न धोना पड़े। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के तेवर को देखकर काफी सोच समझकर आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला किया था। इमरान को लगा कि कोई नया आर्मी चीफ हालात से ठीक तरह से शायद न निपट सके। इस वजह से 2019 में बाजवा का कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ाया गया। जनरल बाजवा को नवंबर 2016 में पाक आर्मी चीफ के पद पर बैठाया गया था। आर्मी चीफ बाजवा का कार्यकाल खत्म होने के दिन पहले कार्यकाल बढ़ा और ' नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के माहौल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आज वही बाजवा भारत के साथ बातचीत पर जोर दे रहे हैं। पाकिस्तान के आर्मी चीफ भारत के खिलाफ उगलते रहे हैं जहर बाजवा से पहले पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल राहील शरीफ का बयान सबको याद होगा जिसमें राहील शरीफ ने 2016 में कहा था कि पाकिस्तान ने कभी सर्जिकल स्ट्राइक की तो भारत पीढ़ियों तक नहीं भूल पाएगा। पाकिस्तान ने इस तरह के हमले किए तो भारत अपने बच्चों के पाठ्यक्रम में पढ़ाएगा कि सर्जिकल स्ट्राइक होता क्या है। पाकिस्तान आर्मी चीफ की गीदड़भभकी पर किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। राहील शरीफ के पहले पाक के सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी भी भारत के खिलाफ लगातार बोलते रहे। हालांकि एक वक्त जनरल कियानी ने चेतावनी भरे लहजे में जब ये कहा कि अगर देश में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी गई तो देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है। इसके बाद वो अपने देश में चरमपंथियों के निशाने पर आ गए। हालांकि कई मौकों पर कियानी यह कहते हुए सुने गए कि उनकी सेना भारत केंद्रित ही बनी हुई है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ को भला कौन भूल सकता है। मुशर्रफ ने 71 के युद्ध में भारत के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। जिसमें पाकिस्तान की करारी हार हुई। 1998 में वो पाक के आर्मी चीफ बने। बाद में नवाज शरीफ का तख्ता पलट कर राष्ट्रपति भी बन गए। मुशर्रफ के भारत विरोधी बयानों की एक लंबी लिस्ट है। इस वजह से भी बदले पाकिस्तान के सुर एक ओर दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। भारत आज कई मोर्चों पर पाकिस्तान से कहीं आगे निकल चुका है। वहीं आज पाकिस्तान की हालत क्या है इसको दुनिया देख रही है। पाकिस्तान में इस वक्त आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं और महंगाई वहां पर चरम पर है। वहां की सरकार का विपक्षी दलों और जनता का बहुत अधिक दबाव देखा जा रहा है। चीन के साथ जाकर भी पाकिस्तान को बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ। विश्व में पाकिस्तान की इमेज भी बहुत खराब हो गई है। ये वही पाकिस्तान है जहां की सरकार पर जब कोई दबाव पड़ता है तो वो भारत विरोधी बयान देकर या कोई साजिश रचकर ध्यान हटाने की कोशिश करता है। अब वही पाकिस्तान है जो एक के बाद एक कई बार भारत के साथ बातचीत शुरू करने की बात कर रहा है।
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