साक्षी चंद, नई दिल्ली निर्भया केस के रेपिस्ट और हत्यारों के परिवारवालों की जिंदगी आसान नहीं है। मार्च में फांसी पर चढ़ाए गए विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता और मुकेश सिंह के परिजनों का जीवन बदल चुका है। बता दें कि निर्भया के दोषियों को 20 मार्च को फांसी पर लटका दिया गया था। विनय के पिता की चली गई नौकरी दोषियों को फांसी के बाद उनके घरवालों के सामने मुश्किल हालात हैं। विनय शर्मा के पिता की नौकरी चली गई है, उसकी बहन की तबीयत खराब है और उसके परिवार की वित्तीय हालत बेहद खराब है। मुकेश के माता-पिता छोड़ चुके हैं घर मुकेश सिंह के माता-पिता मार्च में ही दिल्ली के आर के पुरम स्थित रविदास कैंप का अपना घर छोड़ चुके हैं। जबकि पवन गुप्ता के पैरेंट्स का पता नहीं है। अक्षय ठाकुर के माता-पिता अब आर के पुरम में ही कहीं दूसरी जगह रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि अब वे किसी के संपर्क में नहीं हैं। विनय के घरवालों को खाने के भी लाले रविदास कैंप में शर्मा के माता-पिता रहते हैं जबकि उसकी दो बहनें यूपी के गांव में रहती है। शर्मा की 21 वर्षीय बहन ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'लॉकडाउन के दौरान चीजें और खराब हो गईं। उसके पिता की नौकरी चली गई। जबतक विनय जेल में था तबतक तो हमारे लिए सब ठीक था। हम उससे मिल पाते थे और उम्मीद करते थे कि चीजें ठीक हो जाएंगी। लेकिन जब मेरे पिता की नौकरी चली गई तो हमारे परिवार के लिए सब कुछ बदतर हो गया।' उन्होंने बताया, 'कई दिन तो ऐसे भी रहे जब हमारे पास कुछ खाने को नहीं था। मैं दिल्ली इलाज के लिए आई थी। मुझे डायबिटीज है और मैं इंसुलिन का इंजेक्शन लेती हूं।' यह पूछे जाने पर कि क्या वे गुप्ता परिवार के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उनके साथ कोई संपर्क नहीं है। पवन गुप्ता के पैरेंट्स ने छोड़ा घर रविदास कैंप में गुप्ता परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि पवन गुप्ता के माता-पिता किसी से ज्यादा संपर्क नहीं रखते हैं। पड़ोसियों ने दावा किया कि इसी इलाके में रहने वाले मुकेश सिंह का परिवार फिर कभी यहां नहीं आया।
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