भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन अप्रूव होने के बाद बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू होगा। सरकार जुलाई तक 25-30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की तैयारी में है। हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स के अलावा इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है या फिर उन्हें को-मॉबिडिटी है। जिस राज्य में ऐसे लोगों की आबादी ज्यादा होगी, उन्हें वैक्सीन अलॉकेशन में ज्यादा वेटेज मिलेगा। यानी उनके राज्य में वैक्सीन की ज्यादा डोज भेजी जाएंगी। 50 से ज्यादा उम्र वाली सबसे ज्यादा आबादी उत्तर प्रदेश में रहती है, जबकि महाराष्ट्र में हाइपरटेंशन और पश्चिम बंगाल में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज हैं। केरल की एक-तिहाई आबादी 50 साल से ज्यादा उम्र वाली है और वहां हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीज भी ज्यादा हैं।Coronavirus Vaccine In India News Updates: कोविड-19 के टीकाकरण को लेकर भारत में तैयारियां अंतिम स्तर में पहुंच चुकी है। राज्यों को उनके यहां की रिस्क पॉपुलेशन के आधार पर वैक्सीन की डोज सप्लाई होंगी।

भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन अप्रूव होने के बाद बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू होगा। सरकार जुलाई तक 25-30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की तैयारी में है। हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स के अलावा इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है या फिर उन्हें को-मॉबिडिटी है। जिस राज्य में ऐसे लोगों की आबादी ज्यादा होगी, उन्हें वैक्सीन अलॉकेशन में ज्यादा वेटेज मिलेगा। यानी उनके राज्य में वैक्सीन की ज्यादा डोज भेजी जाएंगी। 50 से ज्यादा उम्र वाली सबसे ज्यादा आबादी उत्तर प्रदेश में रहती है, जबकि महाराष्ट्र में हाइपरटेंशन और पश्चिम बंगाल में डायबिटीज के सबसे ज्यादा मरीज हैं। केरल की एक-तिहाई आबादी 50 साल से ज्यादा उम्र वाली है और वहां हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीज भी ज्यादा हैं।
सबसे पहले वैक्सीन पाने वाले ग्रुप्स कौन से हैं?

सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार, कोविड वैक्सीन सबसे पहले फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को दी जाएगी। इसमें डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिक्स शामिल होंगे। दूसरा ग्रुप फ्रंटलाइन वर्कर्स का है। इनमें सेना, पुलिस, नगर निगम और जरूरी सेवाओं के लोग होंगे। तीसरा ग्रुप 50 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों का है। चौथे ग्रुप में ऐसे लोग होंगे जिनकी उम्र तो 50 साल से कम है लेकिन उन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी अन्य बीमारियां हैं। कोविड टीकाकरण के लिए ये चार प्राथमिकता समूह उन्हें कोविड के खतरे को देखते हुए बनाए गए हैं।
राज्य में ज्यादा बुजुर्ग तो मिलेंगी ज्यादा डोज

सरकार 19.5% आबादी जिनमें 50 प्लस उम्र वाले लोग हैं, उन्हें वैक्सीन देने की तैयारी कर रही है। इसका मतलब ये है कि 50 से कम उम्र वाले एजग्रुप में 1 करोड़ हेल्थ स्टाफ और 4 करोड़ डायबिटिक्स के अलावा 26.5 करोड़ लोग और होंगे। कोविड वैक्सीन का वितरण उन राज्यों में ज्यादा होगा जहां बुजुर्गों की आबादी ज्यादा है।
कौन से राज्य होंगे वैक्सीन पाने में आगे?

उत्तर प्रदेश में केवल 15% आबादी ही 50 साल से ऊपर है लेकिन वहां की जनसंख्या इतनी है कि उसे सबसे ज्यादा वैक्सीन सप्लाई होंगी। इसके बाद सबसे ज्यादा 50 प्लस आबादी वाले राज्यों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार का नंबर आता है। हालांकि जिस राज्य के लोगों को वैक्सीन की सबसे ज्यादा जरूरत है, वो है केरल। नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-20 का डेटा बताता है कि केरल की 25.3% आबादी डायबिटीज और 13.7% आबादी हाइपरटेंशन की शिकार है।
देखिए राज्यवार लिस्ट, किन्हें मिलेंगी ज्यादा डोज
50 से कम उम्र वाली करीब 6.5% आबादी को डायबिटीज

नैशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के डेटा के आधार पर प्रकाशित एक ताजा रिसर्च पेपर के अनुसार, देश में 50 साल से कम उम्र वाले करीब 6.5% लोगों को डायबिटीज है। अभी नए सर्वे में यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, झारखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे बड़े राज्यों का डेटा नहीं आया है, ऐसे में यहां हाइपरटेंशन व डायबिटीज के कितने मरीज हैं, यह नहीं पता है। यह डेटा आने के बाद वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर स्थिति और साफ हो जाएगी।
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